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'SIR' को लेकर JDU के सांसद ने की बगावत, पार्टी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

 Edited By: Amar Deep
 Published : Jul 25, 2025 12:18 pm IST,  Updated : Jul 25, 2025 12:27 pm IST

जेडीयू ने अपनी पार्टी के सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। गिरधारी यादव ने एसआईआर को लेकर एक बयान दिया था, जिसके बाद यह नोटिस जारी किया गया है। उनसे 15 दिन में जवाब मांगा गया है।

जेडीयू सांसद गिरधारी यादव को कारण बताओ नोटिस जारी।- India TV Hindi
जेडीयू सांसद गिरधारी यादव को कारण बताओ नोटिस जारी। Image Source : PTI

पटना: वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर अब जेडीयू के अंदर भी घमासान छिड़ गया है। जेडीयू ने इस मामले पर अपने ही सांसद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दरअसल, जेडीयू के सांसद गिरधारी  यादव ने बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट रिवीजन पर सवाल उठाया था। उन्होंने इसे चुनाव आयोग का तुगलकी फरमान बताया था। गिरधारी यादव ने कहा था कि वोटर लिस्ट रिवीजन करा रहे चुनाव आयोग को बिहार के बारे में कुछ नहीं पता है। खुद उन्हें अपने कागजाद ढूंढने में 10 दिन लग गए। अब इस पर जेडीयू ने गिरधारी यादव को नोटिस जारी करते हुए उनके बयान को पार्टी विरोधी बताया है। जेडीयू ने कहा है कि उनके बयान से न सिर्फ पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है, बल्कि वोटर लिस्ट रिवीजन का विरोध कर रहे विपक्ष को बल मिल गया है। सांसद गिरधारी यादव को जवाब देने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया है।

वोटर लिस्ट रिवीजन का आखिरी दिन आज

दरअसल, बिहार में आज वोटर लिस्ट रिवीजन का आखिरी दिन है। वोटर लिस्ट रिवीजन में चुनाव आयोग को अब तक 61 लाख ऐसे नाम मिले हैं, जिनकी या तो मौत हो चुकी है या वो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, या फिर उनके नाम दो से ज्यादा जगहों पर हैं। ऐसे में नई वोटर लिस्ट में चुनाव आयोग करीब 61 लाख नाम काट सकता है। चुनाव आयोग के मुताबिक उनके पास मौजूदा वोटर लिस्ट में से सात लाख वोटर ऐसे हैं जिन्होंने अपना फॉर्म जमा नहीं करवाया है। अगर ये फॉर्म आज भी जमा नहीं हुए तो इनका नाम वोटर लिस्ट से कट सकता है। चुनाव आयोग 1 अगस्त को अंतरिम लिस्ट जारी करेगा। चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया है कि राजनीतिक दलों के पास 1 अगस्त से 1 सितंबर का समय होगा। इस दौरान अगर कोई पात्र वोटर छूट गया हो तो वो उसका नाम जुड़वा सकते हैं और अगर किसी वोटर का नाम लिस्ट में गलती से शामिल कर दिया गया है तो वो उसका नाम हटवा भी सकते हैं। चुनाव आयोग ने SIR का काम 90% तक पूरा कर लिया है। मतलब साफ है कि बिहार का चुनाव अब इसी नए वोटर लिस्ट पर होना तय है।

चुनाव आयोग ने जारी किया नया आंकड़ा

इस बीच चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट रिवीजन का नया आंकड़ा भी जारी कर दिया है। चुनाव आयोग के मुताबिक बिहार में वोटर लिस्ट में 21 लाख 60 हजार ऐसे नाम पाए गए हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। इसके साथ ही 31 लाख वोटर ऐसे हैं जो पर्मानेंट तौर पर दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो चुके हैं। इनके नाम भी वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे। 7 लाख ऐसे लोग हैं, जिनका वोटर लिस्ट में नाम एक से ज्यादा जगहों पर मिला है। वहीं 1 लाख वोटर्स का कोई पता ही नहीं चला है। अब आज आखिरी दिन का टारगेट 7 लाख ऐसे नाम हैं जो वोटर लिस्ट में तो हैं लेकिन उन्होंने अपने फॉर्म जमा नहीं करवाए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक 99% फॉर्म जमा हो चुके हैं, जिसमें से 91.32 परसेंट फॉर्म डिजिटाइज़ कर दिए गए हैं।

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