NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। जंतर-मंतर पर आज लगातार 34वें दिन भी प्रदर्शन जारी है। इस दौरान हिंसा भी भड़क गई। अब इस पूरे मामले पर दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने बयान जारी किया है।
"छात्रों के दर्द-बेचैनी को समझते हैं"
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, "हम अपने छात्रों के दर्द और बेचैनी को समझते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए छात्रों के डर को कम करने के बजाय उसका फायदा उठा रहे हैं। अभी जरूरत हालात को शांत करने और उनकी परेशानी कम करने की है, ताकि वे उस चीज पर ध्यान दे सकें, जो सच में ज़रूरी है; उनकी पढ़ाई और उनका भविष्य।"
अब तक क्या-क्या हुआ?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), विभिन्न छात्र संगठनों (AISA, SFI) और सामाजिक कार्यकर्ताओं का विरोध-प्रदर्शन 6 जून से लगातार जारी है। यह आंदोलन मुख्य रूप से NEET-UG परीक्षा में हुई कथित धांधली, पेपर लीक और सीबीएसई मार्किंग घोटाले के विरोध में शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पूरे परीक्षा तंत्र में पारदर्शी सुधार, प्रभावित अभ्यर्थियों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।
जून के अंत में जब सोनम वांगचुक इस आंदोलन से जुड़े और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे, तो प्रदर्शन ने काफी जोर पकड़ लिया। हालांकि, 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया, जिसके बाद छात्र और CJP के अन्य नेता अनशन पर बैठ गए। आंदोलन का सबसे उग्र रूप 20 जुलाई को संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन देखने को मिला, जब हजारों की संख्या में छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा बैरिकेड्स लगाने पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस से तीखी झड़प हुई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान कई छात्र व पुलिसकर्मी घायल हुए और CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मिलकर अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।
जंतर-मंतर पर आज 23 जुलाई को 34वें दिन भी नीट पेपर लीक मामले को विरोध प्रदर्शन जारी है, लेकिन वहां लगातार तीसरे दिन हिंसा हुई है। कल रात जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों पर हमला किया गया, जिसमें 2 एसीपी और 2 पुलिस इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां इस पूरे घटनाक्रम और जांच को लेकर दायर याचिका पर कल यानी शुक्रवार को सुनवाई होनी है।
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