पानी हमारे जीवन के लिए बहुमूल्य है या दूसरी तरह से कहें तो इसके बिना जीवन संभव ही नहीं है। "जल ही जीवन है" यूं ही नहीं कहा जाता है, बिना इसके जीवन की कल्पना करना भी असंभव है। लेकिन जल अगर जीवन देता है तो त्रासदी भी लाने की क्षमता रखता है। सुनामी, बादल फटना, बाढ़ आदि इसके ही उदाहरण हैं। कोई वस्तु हो, इंसान हो या फिर कोई पत्थर हो, पानी अपने रौद्र रूप में किसी को नहीं बख्शता। आप ये तो जानते ही हैं कि अगर पानी में कोई पत्थर, वस्तु गिर जाए तो वो फौरन डूब जाती है। लेकिन क्या आप एक ऐसे पत्थर के बारे में जानते हैं जो पानी में नहीं डूबता, अगर आप इससे भिज्ञ नहीं हैं तो कोई बात नहीं, आज इस खबर के जरिए हम इस विवरण से अवगत होंगे। साथ ही ये भी जानेंगे कि ये पत्थर कहां-कहां मिलता है। आइए जानते हैं।
कौन सा पत्थर है जो पानी में नहीं डूबता?
एक ऐसा पत्थर जो पानी में नहीं डूबता, ये पढ़कर तो आपके मन में हंसी का भाव ही उमड़ रहा होगा। लेकिन आप बिलकुल सही पढ़ रहे हैं, एक ऐसा पत्थर है जो पानी में नहीं डूबता। वो पत्थर जो पानी में नहीं डूबता, हम सभी उसे Pumice stone (झांवा) के नाम से जानते हैं।
आखिर पानी में क्यों नहीं डूबता Pumice stone?
दरअसल, Pumice stone पानी में इसलिये नहीं डूबता है क्यों कि यह पत्थर छिद्रयुक्त(बहुत से छोटे-छोटे छेद) होता है। पत्थर के छिद्रों में गैस भरी होती है, जिस वजह से इसका घनत्व पानी से कम होता है और यह पानी में तैरता रहता है।
कैसे बनता है ये पत्थर?
Pumice stone (झांवा) एक बहुत ही हल्की और छिद्रयुक्त ज्वालामुखीय चट्टान होती है जो ज्वालामुखी विस्फोटों के दौरान स्वत: बनती है। ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान, ज्वालामुखीय गैसें श्यान मैग्मा के तरल भाग में घुल जाती हैं और फिर यह बेहज तेज गति से फैलकर झाग या झाग बनाती हैं। चट्टान के तरल भाग को झाग कहते हैं जो गैस के बुलबुलों के चारों ओर तेजी से जम कर कांच जैसा हो जाता है। इस चट्टान में मौजूद गैस के बुलबुलों का आयतन आमतौर पर इतना अधिक होता है कि यह चट्टान पानी से भी हल्की होती है और इस प्रकार पानी में तैरती रहती है।
कहां पाया जाता है Pumice stone?
Pumice stone मुख्यत: ज्वालामुखी सक्रिय इलाकों में पाया जाता है, जैसे इटली, तुर्की, ग्रीस के कुछ क्षेत्र।