नई दिल्लीः सिटी ऑफ इंटरटेनमेंट मलेशिया में आयोजित बॉलीवुड का सबसे बड़ा फेस्टिवल आईफा अवार्ड 2015 का रंगारंग समापन हो गया।
तीन दिन मौज-मस्ती, नाच-गाना और बॉलीवुड स्टार के शानदार पर्फार्मेंस ने आईफा की रौनक को जरूर बढ़ाया, लेकिन कुछ अधूरा रह गया।
जिस फेस्टिवल में बॉलीवुड के दबंग सलमान खान, बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख, मिस्टर पर्फेक्शनिस्ट आमिर खान (हालांकि वो अवार्ड फंक्शन्स से दूर रहते है) और बॉलीवुड के महानायक बिग बी दूरी बनाते हो आखिर वो बॉलीवुड का सबसे बड़ा फेस्टिवल कैसे हो गया? गौरतलब है कि बॉलीवुड के कलाकार हॉलिवुड के ऑस्कर की तर्ज पर इसे अपना सबसे बड़ा फेस्टिवल मानते है। लेकिन आईफा ने इस बार फैब फोर को बहुत मिस किया, कारण चाहे जो भी रहे हों। रंग बिरंगी चमक के बीच अपनों के न आने से आईफा की धमक फ़ीकी पड़ गई।
कॉन्स औफ ऑस्कर जैसे फिल्म फेस्टिवल में बॉलीवुड की फिल्मों को भले ही एंट्री न मिल पाती हो लेकिन हमारे सितारे अपना फैशन स्टाईल औप मीडिया फुटेज पाने के लिए वहां जाना अपनी शान की बात समझते है। लेकिन जब बात आईफा की आई तो वो जोश और जुनून सब गायब था। मिस्टर पर्फेक्शनिस्ट की बात तो समझ में आती है, न जाने किस बात से आहत होकर एक दशक पहले ही अलविदा बोल दिया था लेकिन कंगना रनाउत जैसी युवा और प्रतिभाशाली अभिनेत्री भी ऐसे फेस्टिवल से दूर रहती हैं।

कंगना और आमिर दोनों ही अवार्ड फंक्शन्स से दूरी बनाए रखते है
उनकी फिल्म क्वीन को बेस्ट फिल्म का अवार्ड दिया गया लेकिन कंगना वहां नहीं थी, क्यों भला? क्या वो बॉलीवुड परिवार का हिस्सा नहीं है? या नेशनल अवार्ड पाने के बाद सारे अवार्ड फीके नज़र आने लगे? कौन नहीं जानता कि लॉबिंग तो नेशनल अवार्ड के लिए भी होती है? किसी की प्रतिभा पर सवाल नहीं है। सवाल तो इस बात का है कि आखिर इन सितारों ने दूरी बनाई क्यों?
IIFA बॉ़लीवु़ड का ऑस्कर माना जाता है। और जैसे ब्रैंजलीना की जोड़ी हमेशा से ऑस्कर के चेहरे के रूप में देखी जाती है ठीक उसी तरह सलमान, शाहरूख, आमिर, बिग बी बॉलीवुड का आईना माने जाते है। लेकिन शायद उन्हें इस बात की परवाह नहीं। तो बाहर के लोग भी इसकी चिंता क्यों करें? क्या सलमान, शाहरूख, आमिर (जो हर अवार्ड को बाएकॉट करते है) और बिग बी को आईफा ने न्यौता नहीं भेजा? क्या इन अभिनेताओं के अपने कोई व्यक्तिगत कारण थे? इस बात को समझने की जरा कोशिश करते है। हिट एंड रन मामले ने 'दबंग' खान सलमान के पैरों में बेड़िया बांध रखी है जिसकी वजह से वो देश छोड़ कर नहीं जा सकते। लेकिन मामला जब दुबई के एक इवेंट में शिरकत करने का था तब तो उन्होंने कोर्ट को झट से मना लिया था, तो इस बार ऐसी कौन सी अड़चन आ गई थी?
किंग खान 'शाहरूख' तो हर दूसरे अवार्ड में हस्ते-मुस्कुराते चले जाते थे। लेकिन इस बार उनके पास क्या ऐसी खास वजह थी कि उन्होंने आईफा जैसे इवेंट को छोटा समझ लिया? क्या IPL की हार के गम ने उन्हें आईफा में जाने से रोका या इस बार उनकी जेब इतनी ढ़ीली हो गई थी कि इस अवार्ड को अफोर्ड नहीं कर पा रहे थे? सवाल आपकी जेब का नहीं है, आपकी प्रतिभा अपने आप मे सब कुछ कहती है, लेकिन न जाने वो कौन सा गुरूर है जिसके चलते अपनों के बीच जाने में कदम ठहर से गए? इस सवाल का जवाब बॉलीवुड का हर सिनेमा प्रेमी, शाहरुख के प्रशंसक चाहें देश के हों चाहे ओवरसीज़ मार्केट के हों, जानना तो हर कोई चाहता है। लेकिन इसके सबसे बेहतर जवाब किंग खान ही जानते है?
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्च्न ने यूं तो पिछले वर्ष तक हर बार आईफा में अपनी मौजूदगी महसूस करवाई थी लेकिन इस बार क्यों उन्होंने इससे मुंह फेरा? मीडिया से बेहतर खुद सदी का महानायक इस सवाल का जवाब जानते हैं, कुछ तो बात है..?
तो क्या बॉलीवुड का ऑस्कर कहा जाने वाला आईफा 2015 एक फ्लॉप शो है? या अवार्ड की रस्मअदायगी है? इस साल का सबसे बेहतर जवाब सलमान, शाहरुख, आमिर और अमिताभ बच्चन के फैंस दे सकते है और देना भी चाहिए। इनको स्टार फिल्म का दर्शक और फिल्म निर्माण में लगी पूरी टीम स्पॉट बॉय से लेकर निर्माता-निर्दशक की मेहनत होती है। बॉलीवुड एक परिवार के तरह है लेकिन जब परिवार में बड़ा महोत्सव हो औप परिवार का सबसे चहेता व्यक्ति ही ना आए तो दिल तो दुखता ही है... चमक तो फीकी होती ही है। कुछ ऐसा है जो दरक जाता है, तो इसके इलके लिए दोषी हैं शाहरूख, सलमान, आमिर, बिग बी और बॉलीवुड की क्वीन कंगना?
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