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12 घंटे टॉर्चर, 1 करोड़ की फिरौती और फिर अजान की आवाज ने बचाई जान, किडनैपर्स के चंगुल से जैसे-तैसे निकले थे मुष्ताक खान

 Written By: Jaya Dwivedie
 Published : Sep 25, 2026 01:07 pm IST,  Updated : Sep 25, 2026 01:07 pm IST

मुष्ताक खान का 2024 में अवॉर्ड फंक्शन के बहाने अपहरण हुआ था। किडनैपर्स ने उनसे एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। करीब 12 घंटे बाद अजान की आवाज सुनकर वह भाग निकले और सुरक्षित लौटे।

Mushtaq Khan - India TV Hindi
मुश्ताक खान। Image Source : MUSHTAQKHANACTOR/INSTAGRAM

हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता मुष्ताक खान अब इस दुनिया में नहीं रहे। ‘वेलकम’, ‘गदर’, ‘स्त्री 2’ और ‘आशिकी’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से पहचान बनाने वाले मुष्ताक खान पिछले कुछ समय से कैंसर से जूझ रहे थे। गुरुवार को उनके निधन की खबर सामने आई, जिसके बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन के बाद जहां साथी कलाकार उन्हें याद कर रहे हैं, वहीं उनकी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा किस्सा भी चर्चा में है, जिसने कुछ समय पहले हर किसी को हैरान कर दिया था। साल 2024 में मुष्ताक खान का अपहरण कर लिया गया था। उन्हें एक अवॉर्ड फंक्शन में शामिल होने के बहाने मुंबई से दिल्ली बुलाया गया और फिर हथियारबंद बदमाशों ने करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा था।

अवॉर्ड फंक्शन का ऑफर बन गया था जाल

मुष्ताक खान ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा था कि कलाकारों को अक्सर अलग-अलग इवेंट और अवॉर्ड समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाता है। इसी तरह एक बार उनके पास राहुल सैनी नाम के शख्स का फोन आया। उसने खुद को मुष्ताक से पहले मिल चुका व्यक्ति बताया और मेरठ में होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकारों और खासतौर पर वरिष्ठ कलाकारों को सम्मानित किए जाने की बात कही गई थी। बातचीत के बाद मुष्ताक की फीस करीब 75 हजार रुपये तय हुई। भरोसा कायम करने के लिए उनके बैंक अकाउंट में 25 हजार रुपये एडवांस भेजे गए। इसके साथ ही मुंबई से दिल्ली जाने और अगले दिन वापस लौटने की फ्लाइट टिकट भी उपलब्ध कराई गई। पूरी व्यवस्था सामान्य दिखाई दे रही थी, इसलिए मुष्ताक को किसी तरह के खतरे का अंदाजा नहीं हुआ।

दिल्ली पहुंचते ही बदल गया पूरा घटनाक्रम

मुष्ताक नवंबर 2024 में कार्यक्रम के सिलसिले में दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर उन्हें लेने के लिए एक कार पहुंची। शुरुआत में सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद ड्राइवर ने गाड़ी का रास्ता बदल दिया। कार उन्हें कार्यक्रम स्थल की बजाय मेरठ की तरफ ले जाने लगी। इसके बाद हथियार लेकर आए कुछ लोगों ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। उनका चेहरा ढक दिया गया और उन्हें एक कमरे में ले जाया गया, जहां पहले से कई लोग मौजूद थे। मुष्ताक के मुताबिक, उन्हें समझ आ गया था कि वह किसी साजिश का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद बदमाशों ने उनके सामने फिरौती की मांग रखी।

एक करोड़ की फिरौती मांगकर बोले- इतने बड़े सितारों के साथ काम किया है

किडनैपर्स ने मुष्ताक खान से करीब एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। जब उन्होंने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो बदमाशों को उनकी बात पर भरोसा नहीं हुआ। उनके मुताबिक, अपहरणकर्ताओं का मानना था कि जो अभिनेता सलमान खान, अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और अजय देवगन जैसे बड़े सितारों के साथ काम कर चुका है, उसके पास करोड़ों रुपये जरूर होंगे। मुष्ताक ने बताया था कि बदमाशों ने उनकी फिल्म ‘गदर 2’ की कमाई का भी जिक्र किया। उनका तर्क था कि जब फिल्म ने सैकड़ों करोड़ रुपये कमाए हैं, तो उसमें काम करने वाले कलाकार को भी करोड़ों रुपये मिले होंगे। मुष्ताक ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि फिल्म की पूरी कमाई कलाकारों को नहीं मिलती। कलाकारों की फीस पहले से तय होती है और उसी के अनुसार भुगतान किया जाता है, लेकिन उनकी बात मानने के बजाय बदमाश उन पर शक करते रहे। इस घटना ने यह भी दिखाया कि फिल्मी दुनिया की चमक-दमक को देखकर कुछ लोग कलाकारों की वास्तविक आर्थिक स्थिति को लेकर किस तरह गलत धारणा बना सकते हैं।

12 घंटे तक झेला डर और प्रताड़ना

मुष्ताक के मुताबिक, उन्हें करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना किए जाने की बात भी सामने आई थी। बदमाशों ने उनसे और उनके परिवार से पैसे हासिल करने की कोशिश की। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके और उनके बेटे के बैंक अकाउंट से कुल मिलाकर दो लाख रुपये से ज्यादा की रकम भी ट्रांसफर की गई थी। उस रात मुष्ताक लगातार इस कोशिश में थे कि किसी तरह वहां से निकलने का रास्ता मिल सके। उनके लिए यह अनुभव किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था, लेकिन इस बार वह किसी फिल्म में किरदार नहीं निभा रहे थे, बल्कि खुद उस डरावने हालात का सामना कर रहे थे।

अजान की आवाज बनी उम्मीद की किरण

मुष्ताक की आपबीती का सबसे अहम हिस्सा वह पल था, जब सुबह करीब पौने छह बजे उन्होंने अजान की आवाज सुनी। उन्हें अंदाजा हुआ कि आसपास कोई मस्जिद जरूर होगी। यही बात उनके लिए उम्मीद की वजह बनी, जब किडनैपर्स सो गए तो मुष्ताक ने मौका देखकर वहां से निकलने का फैसला किया। वह किसी तरह उनके चंगुल से बाहर निकले और पास की मस्जिद तक पहुंचे। वहां मौजूद लोगों से उन्होंने मदद मांगी। स्थानीय लोगों की सहायता से उनके परिवार से संपर्क हुआ और बाद में पुलिस की मदद से वह सुरक्षित अपने घर लौट सके।

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