बॉलीवुड एक्ट्रेस और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लों ने एसोसिएशन के ऑफिस को लेकर चल रहे विवाद पर बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि सिने आर्टिस्ट्स वेलफेयर ट्रस्ट (CAWT) के साथ तनाव के बीच एसोसिएशन के स्टाफ और चुने हुए सदस्यों को ऑफिस में घुसने से रोका गया। ANI से बात करते हुए, पूनम ढिल्लों ने CINTAA टावर को लेकर विवाद, एसोसिएशन के इतिहास और ऑफिस के कंट्रोल को लेकर लगे आरोपों पर चर्चा की।
पूनम का आरोप सदस्यों और स्टाफ की एंट्री पर रोक
पूनम ढिल्लों ने बताया कि हाल ही में एक ईमेल के जरिए एसोसिएशन को जानकारी दी गई कि CAWT ही इस बिल्डिंग का असली मालिक है, जबकि CINTAA के सदस्यों ने इसके निर्माण में योगदान दिया था। उस घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि ऑफिस के बाहर कई सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे ताकि CINTAA के सदस्यों और स्टाफ को अंदर जाने से रोका जा सके। उन्होंने ANI को बताया, 'आज का दिन अजीब था। कुछ दिन पहले हमें एक ईमेल मिला, जिसमें कहा गया था कि CAWT ही इस बिल्डिंग का असली मालिक है। हालांकि, इस बिल्डिंग को CINTAA के सदस्यों ने ही बनाया था और CAWT को भी CINTAA के सदस्यों ने ही बनाया था फिर भी वे इस पर इतना कंट्रोल चाहते थे कि उन्होंने कह दिया कि CINTAA का स्टाफ अंदर नहीं आ सकता, हम (EC के चुने हुए सदस्य) अंदर नहीं आ सकते और कोई भी ऊपर नहीं आ सकता। हमें बहुत हैरानी हुई।'
पूनम ढिल्लों ने CAWT पर आरोप लगाया
एक्टर ने आगे आरोप लगाया कि जब CAWT के पास फंड की कमी थी तब CINTAA ने टावर बनाने के लिए 6 करोड़ रुपये दिए थे। उनके मुताबिक इस समझौते में दोनों संगठनों के लिए एक कॉमन ऑफिस और CINTAA सदस्यों के लिए वेलफेयर एक्टिविटीज शामिल थीं। उन्होंने कहा, 'CINTAA ने उन्हें 6 करोड़ रुपये की बड़ी रकम दी थी, क्योंकि उनके पास यह टावर बनाने के लिए फंड की कमी थी। उस समय शर्तें यह थीं कि CAWT और CINTAA का एक कॉमन ऑफिस होगा, जहां ऑफिस स्टाफ बैठेगा और भी कई शर्तें थीं, लेकिन यह उनमें से एक थी। उन्हें CINTAA सदस्यों के लिए वेलफेयर एक्टिविटीज करनी थीं और इन सभी बातों पर सहमति बनी थी।'
CAWT पर उठाया सवाल
एक्ट्रेस ने आगे कहा कि मामला धीरे-धीरे सुलझ रहा है, लेकिन उन्होंने चिंता जताई कि क्या एसोसिएशन के कर्मचारियों को फिर से ऐसी ही पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने पूछा, 'CAWT कौन होता है हमारे कर्मचारियों को नौकरी से निकालने वाला? वे आपके कर्मचारी नहीं हैं; वे CINTAA के कर्मचारी हैं। आप उन्हें कैसे रोक सकते हैं?'
CINTAA सदस्यों ने जताई चिंता
इस बीच CINTAA के सदस्य दीपक काजीर केजरीवाल और अभय भार्गव ने भी ANI से चल रहे विवाद और सदस्यों की चिंताओं के बारे में बात की। उन्होंने आरोप लगाया, 'आज हमारे यहां आने का मकसद यह था कि हमें एक नोटिस मिला था, जिसमें कहा गया था कि CINTAA सदस्य CINTAA टावर नहीं आ सकते। बाद में उन्होंने इसे हटा दिया और कहा कि कर्मचारी नहीं आ सकते... किसी कोर्ट ने यह तय नहीं किया है कि कोई आ सकता है या नहीं।'
CINTAA से 11 सदस्यों ने दिया था इस्तीफा
यह नया विवाद CINTAA की एग्जीक्यूटिव कमिटी के कामकाज को लेकर चल रहे तनाव के बीच सामने आया है। पिछले महीने ग्यारह सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई थी कि कुछ अहम फैसले कमिटी से पर्याप्त बातचीत किए बिना ही लिए जा रहे थे। पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। बाद में चुनाव प्रक्रिया को कोर्ट में चुनौती दी गई। CINTAA के चुनाव 12 सितंबर को हुए।
(Input- ANI)
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