बीते शुक्रवार को 'सैयारा' सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म को लेकर काफी बज है। फिल्म की रिलीज ने बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर दिया है। छोटे बजट और नए स्टार्स की फिल्म ताबड़तोड़ कमाई कर रही है। फिल्म की कमाई तीन दिनों में ही 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। फिल्म में नजर आ रहे दोनों ही लीड सितारे अहान पांडे और अनीत पड्डा ने इससे डेब्यू किया है। पहली ही फिल्म दोनों के लिए सफलता की सीढ़ी साबित हुई है। रातों-रात दोनों कलाकार स्टार बन गए हैं और इनकी ही चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया से लेकर गूगल तक पर अहान पांडे और अनीत पड्डा ट्रेंड कर रहे हैं। दोनों को ही फैंस का जमकर प्यार मिल रहा है और लोग अब इनके बार में जानने के लिए उत्सुक हो गए हैं। इसी कड़ी में अहम आपके लिए अहान पांडे से जुड़ी दिलचस्प बात आपके लिए लेकर आए हैं।
अहान की फैमिली में कौन-कौन?
अहान पांडे फिल्मी परिवार से आते हैं और स्टारकिड हैं, ये बात अब किसी से भी छिपी नहीं रह गई है। अहान पांडे चंकी पांडे के भतीजे हैं और अनन्या पांडे के कजिन भाई हैं। वो चंकी पांडे के छोटे भाई और फेमस बिजनेसमैन चिक्की पांडे और फिटनेस ट्रेनर डियाने पांडे के बेटे हैं। उनकी बहन अलाना पांडे और जीजा इवर फेमस यूट्यूब व्लॉगर्स हैं। परिवार के सभी लोग अलग-अलग फील्ड में अपने हाथ आजमा चुके हैं, लेकिन अहान पांडे ने सधी हुई एक्टिंग की राह चुनी, जिसने उनके बड़े पापा चंकी पांडे को देश ही नहीं विदेश में भी स्टार बना दिया और उनकी कजिन बहन भी इस दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वैसे क्या आप जानते हैं कि अहाना पांडे के दादा कौन थे?
कौन थे अहान पांडे के दादा?
जी हां, पापा और चाचा की तरह ही दादा भी कोई कम फेमस शख्स नहीं थे। अहान पांडे के दादा का नाम शरद पांडे था, जो पेशे से डॉक्टर थे और देश भर में काफी फेमस थे। कहा जाता था कि उनके जैसा हार्ट सर्जन होना आसान बात नहीं है। शरद पांडे कई नामी और दिग्गज लोगों के डॉक्टर थे। इतना ही नहीं शरद पांडे वही फेमस डॉक्टर हैं, जिन्होंने भारत में पहली हार्ट ट्रांसप्लांट सर्जरी की थी। वो डॉक्टर्स की उस टीम में शामिल थे जो भारत में पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट सर्जरी कर रही थी। 1934 में पैदा हुए शरद पांडे का निधन साल 2004 में हो गया। वे बल्डलेस हार्च सर्जरी के विशेषज्ञ थे और भारत में बल्डलेस ओपन हार्ट सर्जरी की शुरुआत करने वाले चंद लोगों में उन्हें गिना जाता है। शरद पांडे कनाडा से मास्टर डिग्री प्राप्त करने के बाद भारत लौट आए और उन्हें मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल और सेठ गोर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज (केईएम) में सेकेंट यूनिट चीफ का रोल दिया गया।

रेयर ऑपरेशन करने में थे माहिर
साल 1986 में शरद पांडे ने बॉम्बे के नानावटी अस्पताल में एक रेयर हार्ट सर्जरी की, जिसमें एक 29 वर्षीय रोगी के बाएं वेंट्रिकल से एक बड़ा ट्यूमर निकाला गया। यह भारत में अपनी तरह का पहला ऑपरेशन था, क्योंकि हृदय के उस हिस्से में ट्यूमर होना असामान्य माना जाता है। 15 जून 1991 को शरद पांडे को भारतीय हृदय-वक्ष शल्यचिकित्सक संघ (IACTS) का पहला अध्यक्ष भी चुना गया था। बता दें, अहान की दादी स्नेहलता पांडे भी डॉक्टर थीं। मुंबई में एक सड़क का नाम भी शरद पांडे के नाम पर ही रखा गया है। अहान पांडे की बहन अनन्या ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर वो एक्टर न बनती तो शायद वो अपने दादा की तरह डॉक्टर ही बनतीं।