मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में सीएम पद किसे मिलेगा? इसको लेकर कयास तो बहुत लगाए जा रहे हैं लेकिन अभी तक आधिकारिक ऐलान नहीं हो सका है। सीएम पद और मंत्रियों के बंटबारे के पेंच में फंसी सियासत के बीच एकनाथ शिंदे अपने गांव चले गए हैं। इसको लेकर भी तमाम तरह की सियासी कयासबाजियां लगाई जा रही हैं। बीजेपी के सामने भी इस बात की चुनौती है कि गठबंधन के सभी घटक दलों के साथ सहमति से आगे बढ़ा जाए।
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शिंदे गांव क्यों चले गए?
शिंदे के बारे में उन्हीं की पार्टी के नेता बताते हैं कि शिंदे को जब भी कोई बड़ा फैसला लेना होता है तो वह अपने गांव चले जाते हैं। ऐसे में महाराष्ट्र के सीएम पद को लेकर जारी सस्पेंस के बीच शिंदे का गांव जाना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना है। लोगों के मन में ये जानने की उत्सुकता है कि आखिर शिंदे कौन सा बड़ा फैसला लेने वाले हैं?
दूसरी तरफ बीजेपी जल्द ही अपने विधायक दल के नेता का ऐलान कर देगी। उसके बाद सरकार गठन का रास्ता साफ हो सकता है। अभी तक जो जानकारियां सामने आई हैं, उसके मुताबिक शिंदे के साथ डिप्टी सीएम पद को लेकर चर्चा हुई है लेकिन शिंदे गृह मंत्रालय जैसे कई अहम मंत्रालय की मांग कर सकते हैं। क्योंकि जब राज्य में देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम थे तो उनके पास गृह मंत्रालय भी था।
कहा ये भी जा रहा है कि एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत को लेकर भी कुछ फैसला लिया जा सकता है। चर्चा ये भी है कि शिंदे सरकार से बाहर रहकर महायुति के संयोजक का पद भी मांग सकते हैं। इससे वह किसी न किसी तरह से अपने हाथ में पूरा नियंत्रण चाहते हैं।
हालांकि शिंदे के समर्थक उन्हें ही सीएम बनते हुए देखना चाहते हैं और उनका मानना है कि डिप्टी सीएम पद पर शिंदे को नहीं मानना चाहिए। ऐसे में चर्चा इस बात की भी है कि बीजेपी शिंदे की कितनी बातों को मानती हैं और उसका अगला कदम क्या होगा।
तीसरे विकल्प पर भी हो सकता है विचार?
अगर शिंदे और बीजेपी के बीच सीएम पद को लेकर कोई आम सहमति नहीं बनी तो बीजेपी किसी तीसरे विकल्प पर भी विचार कर सकती है। बीजेपी के पास पहले भी ऐसे कई उदाहरण है, जब उसने अपने फैसले से सभी को चौंकाया है। फिर चाहें वो राजस्थान हो या मध्य प्रदेश।