इंडिया कुटूर वीक 2026 में मसाबा गुप्ता का ब्राइडल डेब्यू, चढ़दी कला' कलेक्शन में लगा पारंपरिक संग मॉडर्न तड़का
इंडिया कुटूर वीक 2026 में मसाबा गुप्ता का ब्राइडल डेब्यू, चढ़दी कला' कलेक्शन में लगा पारंपरिक संग मॉडर्न तड़का
फैशन डिजाइनर मसाबा गुप्ता ने इंडिया कुटूर वीक 2026 में अपना पहला ब्राइडल कलेक्शन 'चढ़दी कला' लॉन्च किया। भारतीय कारीगरी और आधुनिक स्टाइल के इस अनोखे संगम में दुल्हन के पहनावे और रिजॉर्ट वियर का मेल दिखा।
Published : Jul 27, 2026 11:32 am IST, Updated : Jul 27, 2026 11:32 am IST
1/6Image Source : FDCI
फैशन डिजाइनर मसाबा गुप्ता ने अपने डिजाइनिंग करियर में एक नया और बेहद अहम अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित हुंडई इंडिया कुटूर वीक 2026 के दूसरे दिन अपना पहला ब्राइडल कुटूर कलेक्शन चढ़दी कला पेश किया। मसाबा को अब तक मुख्य रूप से उनके कंटेम्पररी ओकेजन वियर और बोल्ड प्रिंट्स के लिए जाना जाता था। उन्होंने लंबे समय तक खुद को पारंपरिक ब्राइडल कुटूर की दुनिया से दूर रखा था, लेकिन इस बार उन्होंने एक नए अंदाज के साथ इस क्षेत्र में कदम रखा है।
2/6Image Source : FDCI
'चढ़दी कला' के जरिए मसाबा ने अपनी पहचान बन चुकी आधुनिक डिजाइन शैली को भारतीय शादियों के फैशन के साथ बखूबी जोड़ा है। उनके इस कलेक्शन में पारंपरिक भारतीय टेक्सटाइल्स और बारीक हैंडक्राफ्टेड एम्ब्रॉयडरी की झलक साफ देखने को मिलती है, जो आधुनिक दुल्हनों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इस कलेक्शन के पीछे की रचनात्मक सोच काफी दिलचस्प और अनोखी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस कलेक्शन की कहानी भारत के पवित्र और सांस्कृतिक परिदृश्यों से शुरू होकर एंटीगुआ के नीले समंदर और कैरिबियाई द्वीपों की ट्रॉपिकल खूबसूरती तक जाती है।
3/6Image Source : FDCI
मसाबा का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक दुल्हन के कपड़ों और रिजॉर्ट वियर के बीच की लकीर को धुंधला करना रहा है। वे एक ऐसा कलेक्शन तैयार करना चाहती थीं, जो सिर्फ शादी के मंडप तक सीमित न रहे बल्कि शादी से जुड़े अन्य आयोजनों और डेस्टिनेशन वेडिंग्स के माहौल में भी पूरी तरह फिट बैठे। रैंप पर जब यह कलेक्शन उतरा, तो इसमें भारी-भरकम घेरे वाले लहंगे, कढ़ाई वाले दुपट्टे, मैटेलिक जरी का काम और हाथ से की गई खूबसूरत कारीगरी साफ नजर आई। पूरे कलेक्शन में सेक्विन वर्क, बनावट वाली कढ़ाई और लेयरिंग का बेहतरीन इस्तेमाल देखने को मिला। इसके बावजूद, इसकी स्टाइलिंग पारंपरिक रूप से भारी-भरकम ब्राइडल वियर के बजाय काफी सहज और आधुनिक थी।
4/6Image Source : FDCI
यह बदलाव दिखाता है कि आज की दुल्हनें अपनी शादी के कपड़ों को किस तरह देख रही हैं। यह कलेक्शन सिर्फ शादी के मुख्य दिन को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि शादी से जुड़े कई अलग-अलग उत्सवों और फंक्शनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कारीगरी पूरी तरह से पारंपरिक थी, लेकिन प्रेजेंटेशन में वही बेफिक्र और रिलैक्स्ड अंदाज था जिसके लिए मसाबा का लेबल बरसों से जाना जाता है।
5/6Image Source : FDCI
रेडी-टू-वियर और ओकेजन वियर के क्षेत्र में एक सफल ब्रांड स्थापित करने के बाद 'चढ़दी कला' के साथ मसाबा ने कुटूर की दुनिया में अपनी औपचारिक एंट्री की है। यह उनके फैशन करियर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। उन्होंने अपने ब्रांड के मूल तत्वों और पहचान को बनाए रखते हुए, उसे लग्जरी ब्राइडल ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से बहुत ही खूबसूरती से ढाला है।
6/6Image Source : FDCI
फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 'हुंडई इंडिया कुटूर वीक' का यह 19वां संस्करण है, जो नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित किया जा रहा है। हफ्ते भर चलने वाले इस भव्य फैशन शो में देश के कई दिग्गज कुटूरियर्स अपने लेटेस्ट ब्राइडल और फेस्टिव कलेक्शन प्रदर्शित कर रहे हैं। इस साल के लाइन-अप में तरुण तहिलियानी, रोहित बल और जेजे वाल्या जैसे भारत के शीर्ष फैशन डिजाइनर शामिल हैं, जो भारतीय फैशन उद्योग में नए ट्रेंड्स तय कर रहे हैं।