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गाज़ा के पीड़ित बनकर मस्जिदों से पैसे वसूलने वाले सीरियाई गिरोह का पर्दाफाश, टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आए थे आरोपी

 Reported By: Nirnay Kapoor, Edited By: Mangal Yadav
 Published : Aug 23, 2025 09:58 am IST,  Updated : Aug 23, 2025 10:58 am IST

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने टूरिस्ट वीज़ा पर भारत एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी गाजा का पीड़ित बनकर मस्जिदों से पैसे मांगता था।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : ANI

अहमदाबाद: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गाज़ा के पीड़ित नागरिक बनकर मस्जिदों से पैसे वसूलने वाले सीरियाई गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अली मेघात अलज़हर नाम के एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आया था। पूछताछ में पता चला कि वह इन पैसों का इस्तेमाल विलासिता पूर्ण जीवन जीने के लिए करता था। उसके तीन साथी पुलिस कार्रवाई के बाद भूमिगत हो गए हैं।

भारत से किया जाएगा डिपोर्ट

इनकी गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। ये वीज़ा नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। एकत्र किए गए पैसों का उपयोग किस उद्देश्य से हो रहा है, इसकी जांच जारी है। इस मामले की जांच राज्य और केंद्र की एजेंसियां कर रही हैं। अली को हिरासत में लेकर ब्लैकलिस्ट करने और देश से निर्वासित (डिपोर्ट) करने की कार्रवाई शुरू की गई है।

क्राइम ब्रांच को मिली थी गुप्त जानकारी

क्राइम ब्रांच अहमदाबाद को निजी रूप से सूचना मिली थी कि गाज़ा देश का एक गिरोह बड़े पैमाने पर विभिन्न मस्जिदों में जाकर स्वयं को गाज़ा के पीड़ित नागरिक बताकर बड़े पैमाने पर चंदा एकत्र कर रहा है। क्राइम ब्रांच अहमदाबाद द्वारा इस मामले में खोजबीन की गई तो अली मेधात अलज़हर नाम का एक व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों के साथ पाया गया। उसे क्राइम ब्रांच लाकर पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम अली मेधात अलज़हर, उम्र 23 वर्ष, पेशा – पशुपालन, निवासी – दमास, अल-मलीहा, सीरिया बताया। उसने वर्तमान में अहमदाबाद में ठहरने की जानकारी दी।

आगे की पूछताछ में पता चला कि यह व्यक्ति टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आया है और देश के विभिन्न राज्यों के शहरों में घूम चुका है। अहमदाबाद में वह स्वयं को गाज़ा का नागरिक बताकर अलग-अलग मस्जिदों में जाकर चंदा एकत्र कर रहा था और उस चंदे का उपयोग विलासिता पूर्ण जीवन जीने में कर रहा था। पूछताछ में उसने अरबी भाषा ही जानने का नाटक किया। उसके शरीर के सीने के हिस्से पर चोट के निशान पाए गए, जिनके बारे में उसने दावा किया कि ये निशान युद्ध में लगे थे। उसने यह भी बताया कि उसके जैसे और भी कई लोग भारत में मौजूद हैं। जब पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए लाया, तो बाकी लोग भूमिगत हो गए।

 उनके नाम इस प्रकार हैं:

1- ज़कारिया स/o हैथम अलज़हर, निवासी – दमास, अल-मलीहा, सीरिया 
2. अहमद ओहेद अहबश, निवासी – दमाकस, सीरिया  
3. यूसुफ खालिद अलज़हर, निवासी – दमाकस, सीरिया  
 

आरोपियों को किया जाएगा डीपोर्ट

क्राइम ब्रांच द्वारा इस व्यक्ति से विभिन्न एजेंसियों ने पूछताछ की और उसकी गतिविधियों पर संदेह होने के कारण तत्काल हिरासत में लेकर देश से निर्वासन (डीपोर्ट) और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। जांच में यह भी पाया गया कि इस व्यक्ति ने विभिन्न मस्जिदों से प्राप्त चंदे का हवाला ट्रांसफर किया है, जिसकी जांच जारी है। इसके अलावा यह भी सामने आया कि यह गिरोह पहले लेबनान में इकट्ठा हुआ था और वहां से भारत आया। इस संबंध में आगे की जांच जारी है। प्रारंभिक स्तर पर पाया गया है कि इस व्यक्ति ने वीज़ा नियमों का उल्लंघन किया है और उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथियों के पासपोर्ट की सत्यता (सही या नकली) की भी जांच की जा रही है। ये व्यक्ति भारत के विभिन्न शहरों की मस्जिदों में घूमकर जो चंदा एकत्र करते हैं, उसका आगे क्या उपयोग किया जाता है, इसकी जांच भी जारी है।

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