नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली में एक प्रतिष्ठित विद्यालय के एम्फीथिएटर के अंदर एक पानी की टंकी में रविवार दोपहर एक छह वर्षीय लड़का मृत पाया गया। इसके बाद स्कूल का लाइसेंस रद्द किए जाने की मांग उठने लगी और दिल्ली सरकार ने इस मामले की मजिस्ट्रेट द्वारा जांच कराने का आदेश दिया है। पुलिस ने बताया कि लड़के की पहचान दिव्यांश काकरोरा के तौर पर की गई है। वह वसंत कुंज स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा एक का एक छात्र है।
पुलिस ने बताया कि उसे आखिरी बार सातवीं कक्षा से पहले करीब 12 बजकर 20 मिनट पर देखा गया था उसके बाद स्कूल के अधिकारियों ने उसे ढूंढना शुरू किया। बाद में वह गड्ढे में पाया गया जिसे पानी को एकत्रित करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। पुलिस ने बताया कि स्कूल के अधिकारी उसे अस्पताल ले गए जहां उसे पहले से मृत घोषित कर दिया गया। करीब दो बजकर 40 मिनट पर अस्पताल ने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी।
इस संबंध में वसंत कुंज उत्तर पुलिस थाने में अग्यात व्यक्ति के खिलाफ लापरवाही से मौत हो जाने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (ए) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) प्रेम नाथ ने बताया, मामले की जांच की जा रही है और जो भी कानूनी कदम उठाए जा सकेंगे उन्हें उठाया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने इस मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा जांच के आदेश दे दिए हैं। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, रेयान के छात्र की मौत मामले में नई दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट को जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि इस मामले में स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी और भूमिका के बारे में तथ्यों का पता लगाया जा सके। सिसोदिया के पास शिक्षा मंत्रालय का भी प्रभार है।
दिव्यांश ने आज स्कूल में आयोजित एक काव्यपाठ प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेना था। उसके माता पिता दोनों एम्स के कर्मचारी हैं। वह यहां सुल्तानपुर इलाके में रहते हैं।
लड़के के पिता ने आरोप लगाया कि इस मामले की वजह कोई साजिश हो सकती है और स्कूल प्रशासन का कोई व्यक्ति इस घटना के लिए जिम्मेदार हो सकता है। सूचना मिलने के बाद कई पुलिस टीमें मौके पर रवाना हुईं। स्कूल प्रशासन से सवालात किए गए और इस संबंध में लापरवाही का मामला दायर किया जा सकता है।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लड़के के गड्ढे में गिरने के कारण अस्पष्ट हैं। लड़के के शव को एम्स में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बुधवार को कापसहेड़ा इलाके में निगम द्वारा संचालित एक स्कूल के एक सेप्टिक टैंक में गिरने से पांच वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई थी जिसके बाद लापरवाही का एक मामला दर्ज किया गया था।