लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने कई वर्ष पूर्व प्रदेश के हस्तशिल्यों के आर्थिक विकास तथा उनके सामानों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए राजधानी में लखनऊ हाट बनाने की योजना बनाई थी। यह योजना मूलमूर्त लेने जा रही है।
योजना के तहत निर्माण निगम ने मॉल की तर्ज पर विभूतिखंड गोमतीनगर में 22 हजार स्क्वायर फीट जगह में पांच मंजिला लखनऊ हाट निर्माण कर पर्यटन विकास निगम को सौंप दिया है।
हाट की दूसरी तथा तीसरी मंजिल पर हस्तशिल्पकर्मियों को सामानों की बिक्री के लिए दुकानें आवंटित की गई हैं। हस्तशिल्पयों को बाजार दर से काफी कम 60 रुपये प्रति स्क्वायर फिट (प्रति माह किराया) के हिसाब से दुकानें आवंटित की गई हैं।
ये दुकानें नौ वर्ष की लीज कर आवंटित की गई हैं। हस्तशिल्पयों को प्रतिमाह किराये का 18 प्रतिशत रख-रखाव शुल्क भी देना होगा। हालांकि पुरस्कृत हस्तशिल्पयों का आरोप है कि पूर्व में शासन ने उन लोगों को दुकानों के आवंटन में छूट देने की बात कही थी, लेकिन बाद में शासन अपने वादे से मुकर गया। आवंटन प्रक्रिया में किसी भी वर्ग के लोगों को छूट का प्रावधान नहीं है।
बताया जाता है कि हस्तशिल्पयों को दुकानों के आवंटन का काम लगभग पूरा हो गया है। लखनऊ हाट में अभी कुछ दुकानें आवंटित होने के लिए बची हैं, जो बाद में आवंटित की जाएंगी। हस्तशिल्पी रिक्त दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन दे सकते हैं।
पर्यटन निगम के अधिकारी नीरज पाहूजा ने बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकरों की मदद से लखनऊ हाट में हस्तशिल्पकर्मियों के सामानों की बिक्री के लिए इम्पोरियम खोलने का प्रावधान है। इम्पोरियम में विभिन्न प्रदेशों की हस्तशिल्प वस्तुओं को बेचने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए कई प्रदेशों की सरकार तथा वहां के हस्तशिल्पयों से बातचीत चल रही है। इसके अलावा लखनऊ हाट में समय-समय पर हस्तशिल्पयों के सामानों की प्रदर्शनी लगाने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि हस्तशिल्प से बनी वस्तुओं की प्रदेश में खासा बाजार है। एक ही स्थान पर हस्तशिल्पयों की तरह-तरह की वस्तुएं मिलने पर ग्राहक यहां आएंगे। हाट से हस्तशिल्प से बनी वस्तुओं की मांग भी बढ़ेगी।। लखनऊ हाट में पांचवीं मंजिल पर फूड मार्ट (खाने-पीने की दुकानों) का प्रावधान है। यहां स्नैक्स से लेकर लजीज व्यंजन मिलेंगे।