नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी में वापसी की अटकलों के बीच अमर सिंह ने इस विषय पर अपने पत्ते नहीं खोले, लेकिन कहा कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह मेरे बड़े भाई थे हैं और रहेंगे और मनुष्य का भाग्य कब किस करवट बैठे, कुछ नहीं कहा जा सकता। सपा के वरिष्ठ नेता एवं अपने धुर विरोधी माने जाने वाले आजम खान पर चुटकी लेते हुए सिंह ने कहा कि चुनावी वर्ष में आजम सपा की जरूरत हैं और इसलिए वे उनके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहेंगे।
अमर सिंह ने कहा, अभी मैं लखनऊ में हूं और नए लोकायुक्त संजय मिश्र के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने आया हूं जो मेरे गृह जनपद आजमगढ़ से जुड़े कन्हैया लाल मिश्र के परिवार से हैं। इससे पहले भी मैं गैर राजनीतिक कार्यक्रमों में मुलायम सिंह के साथ था, चाहे अस्पताल का उद्घाटन हो, उनका जन्मदिन हो या दिवंगत जनेश्वर मिश्र से जुड़ा कार्यक्रम हो।
उन्होंने कहा कि भले ही मैं इस समय सपा में नहीं हूं, लेकिन मुलायम से मेरा दिल का रिश्ता है। मैं राजनीति में रहूं या न रहूं.... वे मेरे बड़े भाई थे, हैं और रहेंगे। अखिलेश यादव मेरे भतीजे थे, हैं और रहेंगे और इस रिश्ते के सामने विधायकी, सांसद पद बहुत छोटी चीज है। यह पूछे जाने पर कि क्या वे सपा में शामिल होंगे, सपा के पूर्व महासचिव ने कहा कि पुरूष का भाग्य कब किस करवट लें, कुछ नहीं कहा जा सकता।
आजम खान पर चुटकी लेते हुए अमर सिंह ने कहा कि आजम बड़े और कद्दावर नेता हैं और सपा के खम्भे हैं....चुनावी वर्ष में आजम सपा की जरूरत हैं। इसलिए उनके बारे में और कुछ नहीं कहना चाहूंगा। उन्होंने साथ ही आजम का नाम लिए बिना जयप्रदा समेत कुछ अभिनेत्रियों से जुड़ी टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि पर्दे पर कलाकार उसे दिए गए किरदार को निभाता है और यह उसके वास्तविक जीवन की पहचान नहीं होती। अलग अलग समय में अनेक कलाकारों ने विभिन्न तरह के किरदार निभाए। गोपी कृष्ण, बिरूजू महाराज ने नृत्य के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। सिंह ने कहा कि ऐसे में किसी के द्वारा ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए जो अशोभनीय हो।