संगरूर: सेना के एक जवान ने पंजाब के संगरूर जिले के हसनपुर गांव में आत्महत्या करने से पूर्व अंधाधुंध गोली चलाकर अपने परिवार के चार सदस्यों की हत्या कर दी और चार अन्य को घायल कर दिया। संगरूर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रीतपाल सिंह थिंड ने बताया कि छुट्टी पर आए जवान जगदीप सिंह (25 वर्ष) ने अपने परिवार के चार सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी जबकि अपने पड़ोसी सहित चार अन्य को घायल कर दिया।
उन्होंने बताया कि जवान को जब पुलिस ने घेर लिया तब उसने हत्या में प्रयुक्त अपनी 12 बोर की दुनाली बंदूक से अपने को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पहले कहा था कि जवान ने जब समर्पण करने का पुलिस का अनुरोध नहीं माना तब उसे गोली मार दी गयी। उन्होंने बताया कि घायलों को गंभीर हालत में पटियाला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पवित्र पुस्तक की बेअदबी पर पंजाब में प्रदर्शन, केंद्रीय बल तैनात
चंडीगढ़: बठिंडा के एक गांव में पवित्र पुस्तक की बेअदबी की एक और घटना के बाद पंजाब के चार जिलों में एहतियात के तौर पर अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। पवित्र पुस्तक की बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ राज्य के विभिन्न स्थानों पर सिख संगठनों का धरना जारी है।
अमृतसर के पुलिस आयुक्त जतिन्दर सिंह औलख ने आज कहा, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और तरनतारन जिले में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अद्र्धसैनिक बलों की दस कंपनियों को रवाना किया गया है। पुलिस ने कहा कि बठिंडा जिले के गुरूसर महराज गांव में गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी की एक और घटना सामने आई है।
पुलिस ने कहा, गुरू ग्रंथ साहिब के कुछ पन्ने फटे हुए पाए गए। गांव में स्थिति तनावपूर्ण है। पुलिस ने बताया कि तरनतारन के नागोके स्थित एक गुरूद्वारा में गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी का कथित तौर पर प्रयास करते हुए एक व्यक्ति को पकड़कर लोगों ने जमकर पीटा। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की पहचान बुले नांगल गांव के मलकीत सिंह (34) के रूप में हुई है जिसे तीन व्यक्ति लेकर कहीं गए हैं जिनका पता नहीं चल पाया है।
डीआईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि वेरोवाल थाने में तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीणों ने जिस व्यक्ति को पकड़ा उसने तब तक गुरूद्वारा या गुरू ग्रंथ साहिब को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था। डीआईजी ने कहा कि उस व्यक्ति को पकड़ने के बाद लोग उसे पुलिस को सौंपने के बजाए स्वयंभू सत्कार समिति को सौंपने ले गए। राज्य में हो रही गतिविधियों से नाराज होकर बुढलाडा के पूर्व विधायक मंगत राय बंसल ने अकाली दल से इस्तीफा दे दिया।