नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रविवार को बकाया वेतन की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सफाई कर्मियों के प्रति हमदर्दी जताई और कहा कि उन्हें वेतन से वंचित रखने के लिए एमसीडी को चलाने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिम्मेदार है। उन्हें उम्मीद है कि अदालत कोई समाधान जरूर निकालेगी। केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा, "मैं एमसीडी के प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की उस मांग का समर्थन करता हूं कि उन्हें उनका पूरा वेतन मिलना चाहिए।" उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि मंगलवार को इस मामले को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के बाद 'कोई समाधान निकलेगा।" एमसीडी सफाईकर्मी बकाया वेतन और लंबित मजदूरी के तुरंत भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। कुछ इलाकों में हड़ताली कर्मचारियों ने न केवल कचरा उठाने से इनकार कर दिया, बल्कि विरोध स्वरूप सड़कों पर कूड़े के ढेर भी लगा दिए।
इस हड़ताल को नगर निकाय के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का भी समर्थन प्राप्त है। उन्हें आंदोलन का कोई और तरीका नहीं सूझ रहा है, वे गंदगी फैलाकर पहले से प्रदूषित दिल्ली के लोगों को और बीमार करने पर आमादा हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने नगर निकाय को फंड से महरूम रखा, जिस वजह से यह मौजूदा संकट खड़ा हुआ। आप की सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि दिल्ली सरकार पर एमसीडी का कोई बकाया नहीं है। डीडीए डेढ़ सौ करोड़ रुपये बकाया है, लेकिन एमसीडी से बकाया पैसे नहीं मांग रही है, क्योंकि डीडीए केंद्र सरकार के अधीन है और केंद्र सरकार भाजपा की है। आप का कहना है कि दिल्ली सरकार को बदनाम करने के लिए भाजपा अपने प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को भी भूल जाती है और बार-बार कूड़े की राजनीति पर उतर आती है। इस पार्टी को इसका जरा भी परवाह नहीं कि दिल्ली की जनता बीमार हो रही है, सांस लेना दूभर हो रहा है। भाजपा ने दिल्ली सरकार से पैसे लेकर उसका क्या किया, हिसाब देने को तैयार नहीं है। एमसीडी अपने कर्मियों का वेतन रोककर उन्हें गुमराह कर बार-बार हड़ताल के लिए विवश कर रहा है।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, "हम इस मुद्दे पर सोमवार को दोपहर बाद उपराज्यपाल नजीब जंग से मिलेंगे।" उधर, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने रविवार को राजधानी के विभिन्न भागों में निगम कर्मचारियों द्वारा जमा किए गए कूड़े के ढेर की सफाई की। उल्लेखनीय है कि दिल्ली के तीनों निगमों के कर्मचारी वेतन और बकाया राशि के तत्काल भुगतान की मांग को लेकर 27 जनवरी से ही हड़ताल पर हैं। सफाई कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप न सिर्फ सफाई करने से मना किया है, बल्कि कुछ इलाकों में उन्होंने सड़कों पर कूड़ा भी फैला दिया है। सिसोदिया ने पूर्वी दिल्ली के अपने निर्वाचन क्षेत्र पटपड़गंज में सफाई की। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली के करावल नगर की सड़कों की सफाई की। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने भी अपने साथियों के साथ शाहदरा इलाके की सड़कों को साफ किया।
दिल्ली सरकार ने इससे पहले, शनिवार को राजधानी से कूड़ा हटाने के लिए खास इंतजाम के तहत एक कार्यबल गठित किया है। राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग ने 93 गाड़ियों को कूड़ा साफ करने के काम में लगाया है। वहीं भाजपा प्रदूषण कम करने के लिए सम-विषम योजना की सफलता से दिल्ली सरकार को मिली वाहवाही को सहन न कर गंदगी फैलाने वाली राजनीति कर बेहद खुश है। केंद्र सरकार भी राष्ट्रीय राजधानी को गंदा किए जाने पर अपनी पार्टी को मौन शाबाशी दे रही है।