लखनऊ: उत्तर प्रदेश के रामपुर में वाल्मीकि समाज के 80 परिवारों के कथित तौर पर इस्लाम धर्म कबूलने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में शहरी विकास मंत्री आजम खान ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि रामपुर में हो रही घटना के बारे में बेवजह उनका नाम घसीटा जा रहा है। अगर लोगों को उनसे दिक्कत है, तो वह पूरे परिवार के साथ देश छोड़ने के लिए तैयार हैं।
रामपुर में वाल्मीकि समाज की एक बस्ती को गिराने के विवाद में आजम खान की भूमिका संदेह के घेरे में है। आरोप है कि आजम खान इसी क्षेत्र में बन रहे एक मॉल की पार्किं ग के लिए वाल्मीकि समाज की बस्ती को उजाड़ना चाहते हैं।
इस दलित बस्ती के 50 मकानों को तोड़वाने का फरमान नगरपालिका को सुना दिया है। आरोप लगाया जा रहा है कि लोगों को मुसलमान बनने के एवज में उनके घर नहीं तोड़ने का लालच भी दिया जा रहा है।
इन आरोपों के जवाब में आजम ने कहा, "मैंने आज तक किसी से रिश्वत नहीं ली, कोई गलत काम नहीं किया। अगर इसके बावजूद लोगों को मुझसे दिक्कत है, तो मैं पूरे परिवार सहित देश छोड़ने को तैयार हूं। जो भी देश मुझे पनाह देगा, मैं वहां चला जाऊंगा।"
इस बीच दिल्ली में हिंदू सेना के कार्यकतरओ ने आजम के खिलाफ प्रदर्शन किया। बुधवार को जब मुलायम सिंह के घर जनता परिवार के विलय पर बैठक हो रही थी, तभी सेना के कार्यकर्ता वहां पहुंच कर आजम खान मुदार्बाद के नारे लगाने लगे।
विश्व हिन्दू परिषद की नेता साध्वी प्राची ने भी आजम खान पर निशाना साधा है।
गौरतलब है कि बीती रात साध्वी प्राची रामपुर पहुंची थीं। इस दौरान रामपुर में गांधी समाधि पर बड़ी तादात में पुलिस तैनात थी। साध्वी की गाड़ी आते ही पुलिस और पीएसी के जवानों ने आगे बढ़कर गाड़ी रोक ली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।