नई दिल्ली: दिल्ली से कानपुर जाने वाली ट्रेन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद रविवार को दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर खाली करा लिया गया और इसकी तलाशी ली गई। इसमें हालांकि कुछ भी संदेहास्पद बरामद नहीं हुआ, लेकिन इस घटना के बाद राष्ट्रीय राजधानी के निजामुद्दीन व नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी नीरज शर्मा ने बताया, "हमें सुबह 6.30 बजे ट्रेन में बम होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोक कर तलाशी ली गई। तलाशी में हालांकि कुछ नहीं मिला।" रेलवे के पुलिस उपायुक्त दमबेरी मिलिंद महादेव ने कहा, "हमने बम निरोधक दस्ते को तैनात किया और जांच शुरू की। लेकिन जांच में कुछ नहीं मिला। घबराने की जरूरत नहीं है।"
वहीं, लखनऊ में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली से कानपुर जाने वाली ट्रेनों को बम से उड़ाने की धमकी मुंबई आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को ई-मेल से मिली थी। इसमें कहा गया था कि अगले 72 घंटे के भीतर नई दिल्ली से कानपुर जाने वाली ट्रेनों को बम से उड़ा दिया जाएगा। इस धमकी के बाद नई दिल्ली से लखनऊ आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस के साथ-साथ कई अन्य ट्रेनों को भी विभिन्न स्टेशनों पर रोककर बम निरोधक दस्तों से तलाशी करवाई गई।
उन्होंने बताया कि शताब्दी के अलावा दिल्ली से कानपुर की ओर जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस, सम्पर्क क्रान्ति एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस की भी दिल्ली से कानपुर के बीच कई स्टेशनों पर रोककर जांच करवाई गई।
पंजाब के पठानकोट जिले में वायुसेना के एक अड्डे पर शनिवार को हुए आतंकवादी हमले के बाद से ही राष्ट्रीय राजधानी में हाईअलर्ट है। उत्तर प्रदेश में भी हाई अलर्ट है, जिसके कारण संवेदनशील धार्मिक स्थलों के साथ-साथ महत्वपूर्ण ट्रेनों, स्टेशनों, बस अड्डों के अतिरिक्त हवाई अड्डों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।