
ताबड़तोड़ वारदात से दहला दिल्ली-NCR
अर्शी की हत्या के बाद गाजियाबाद पुलिस सकते में है। ये बिजनेसमैन अपने भाई की हत्या का चश्मदीद गवाह था। गाजियाबाद का एक नामी गैंगस्टर पिछले 1 साल से हाथ-धोकर इसके पीछे पड़ा था। कोर्ट में गवाही न देने का दबाव बनाया जा रहा था। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्या के वक्त वो 2 गनर कहां थे जिन्हें अर्शी की सिक्योरिटी की जिम्मेदारी मिली थी।
इस बिजनेसमैन के मर्डर के बाद अपार्टमेंट के सिक्योरिटी सिस्टम पर भी सवाल उठ रहे हैं। 24 घंटे यहां निजी गार्ड तैनात रहते हैं और चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं फिर भी बदमाश आए और किसी को भनक तक नहीं लगी। अब पुलिस कह रही है सीसीटीवी में हत्यारों के चेहरे कैद हुए हैं और इसी फुटेज के जरिए बदमाशों की तलाश की जा रही है।
खौफ का दूसरा नाम है काले
यूनुस उर्फ काले गाजियाबाद में खौफ का दूसरा नाम है। लूट, मर्डर और रंगदारी ऐसे न जाने कितने केस इस गैंगस्टर के खिलाफ दर्ज हैं। बिजनेसमैन अर्शी मलिक और और काले दोनों एक ही गांव पसोंदा के रहने वाले हैं। गांव में वर्चस्व को लेकर दोनों की अदावत शुरू हुई। अर्शी मलिक 5 भाई थे और काले 10 भाई। घरवालों का दावा है कि काले 50 लाख रुपए की रंगदारी मांग रहा था। अर्शी ने 12 लाख रुपए दे दिए थे फिर भी काले हाथ धोकर जान के पीछे पड़ा था। काले के डर से अर्शी अपना गांव छोड़ इस अपार्टमेंट में आकर बस गया था और डर के मारे सोसाइटी से बाहर तक नहीं निकलता था।
घरवालों को इस हमले की आशंका पहले से ही थी और पुलिस को भी पता था इसीलिए सिक्योरिटी मिली थी लेकिन सुरक्षा में तैनात पुलिसवाले पिछले कई दिन से आ नहीं रहे थे। अर्शी के कत्ल के बाद घरवालों ने 5 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट कराई है। यूनुस उर्फ काले के अलावा असलम, अकरम, आरिफ और सुहैल के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। गाजियाबाद पुलिस 8 टीमें बनाकर काले की तलाश कर रही है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि काले का कोई सुराग नहीं है वो न तो मोबाइल का इस्तेमाल करता है और न ही इंटरनेट का।
युनूस उर्फ काले को एक केस में सजा भी हो चुकी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहले जमानत दे दी थी बाद में बेल कैंसिल हो गई लेकिन इस क्रिमिनल ने कभी सरेंडर नहीं किया। अर्शी के भाई के कत्ल के बाद से ही गाजियाबाद पुलिस काले की तलाश कर रही थी। हैरानी की बात ये है कि पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई कि काले उस सोसाइटी में किराएदार बनकर आया था जिसमें अर्शी रह रहा था।