नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने आज सीबीआई को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ आगे और जांच करने का निर्देश दिया जिन्हें पहले जांच एजेंसी ने क्लीन चिट दे दी थी। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एस पी एस लालेर ने कहा कि मामले में कुछ पहलुओं पर आगे जांच की जरूरत है और जांच का उद्देश्य सच्चाई सामने लाना है तथा सीबीआई इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जरूरी सारी कार्रवाई कर सकती है।
एक उंची अदालत के फैसले का जिक्र करते हुए अदालत ने यह भी कहा कि मामले में कई बार क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गयी हैं अत: यदि अदालत हर दो महीने में जांच पर निगरानी रखती है तो यह न्याय के हित में होगा और मामले का कोई पहलू बिना जांच के नहीं छूटेगा।
न्यायाधीश ने कहा कि इन दिशानिर्देशों के साथ सीबीआई को मौजूदा मामले में आगे जांच का निर्देश दिया जाता है। दो फरवरी, 2016 को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाता है। फरियादी लखविंदर कौर की याचिका पर यह आदेश आया जिनके पति बादल सिंह सिख विरोधी दंगों में मारे गये थे। उन्होंने टाइटलर को आरोपमुक्त करने वाली सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी थी।
मामला उत्तरी दिल्ली में गुरद्वारा पुलबंगश में दंगों से संबंधित है जहां एक नवंबर, 1984 को तीन लोग मारे गये थे। इससे एक दिन पहले ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गयी थी।
दिसंबर 2007 में एक अदालत द्वारा क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करने से इनकार के बाद सीबीआई ने बादल सिंह, ठाकुर सिंह और गुरचरण सिंह की हत्या के मामले में पुन: जांच की थी। टाइटलर ने दंगों में किसी तरह की भूमिका होने से इनकार किया है।