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पंजाब में कोविड-19 से 49 और मरीजों की मौत, संक्रमण के कुल मामले 60,000 के पार

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 04, 2020 11:48 pm IST,  Updated : Sep 04, 2020 11:48 pm IST

पंजाब में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,498 नए मामले सामने आए और इस महामारी से 49 और मरीजों की मौत हो गई। इसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 60,013 हो गई और मृतकों की संख्या 1,739 पर पहुंच गई।

COVID-19: 49 more deaths in Punjab; case tally surpasses 60,000-mark- India TV Hindi
COVID-19: 49 more deaths in Punjab; case tally surpasses 60,000-mark Image Source : PTI

चंडीगढ़: पंजाब में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,498 नए मामले सामने आए और इस महामारी से 49 और मरीजों की मौत हो गई। इसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 60,013 हो गई और मृतकों की संख्या 1,739 पर पहुंच गई। राज्य सरकार की ओर से जारी एक मेडिकल बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है। बुलेटिन के अनुसार कोविड-19 के 1,272 और मरीज ठीक हो गए। राज्य में अब तक कुल 42,543 मरीज ठीक हो चुके हैं। बुलेटिन के अनुसार पंजाब में अभी 15,731 मरीजों का इलाज चल रहा है।

वहीं चंडीगढ़ में शुक्रवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पांच और संक्रमित मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 68 हो गई। वहीं, संक्रमण के 203 नये मामले सामने आने से कुल संक्रमित लोगों की संख्या 5,268 हो गई है। बुलेटिन के मुताबिक मृतकों में सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के दौरान 72 वर्षीय एक पुरुष और 52 वर्षीय एक महिला भी शामिल है। अभी संक्रमण का इलाज करा रहे रोगियों की संख्या 2,092 है जबकि मृतकों की संख्या 68 हो गई है। चंडीगढ़ में अभी तक कुल 3,105 लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।

पंजाब सरकार ने कोविड-19 मरीजों के घर के बाहर से पोस्टर हटाने का फैसला किया

पंजाब में घर पर पृथक-वास में रहने वाले कोविड-19 के मरीजों को अपने मकान के प्रवेश द्वार पर लगे पोस्टर के कारण अब सामाजिक तौर पर अलगाव या लांछन का सामना नहीं करना पड़ेगा। महामारी से जुड़े लांछन को दूर करने की दिशा में कदम उठाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कोविड-19 के मरीजों के घर के बाहर पोस्टर लगाने के अपनी सरकार के फैसले को रद्द कर दिया। राज्य सरकार के पूर्व के फैसले के तहत पृथक-वास में रह रहे मरीजों के घरों पर पोस्टर लगाए जाते थे। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में सिंह ने कहा कि पहले से लगाए गए पोस्टरों को हटाया जा सकता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का मकसद संक्रमित मरीजों के घर के दरवाजे पर ऐसे पोस्टर लगाने के कारण समाज में अलग-थलग पड़ने की भावना को दूर करना है। उन्होंने लोगों से लोगों की जांच के लिए भी आगे आने की अपील की । सिंह ने कहा कि इन पोस्टरों के कारण मरीजों की मनोदशा पर असर पड़ रहा था । इस पोस्टर को लगाने का उद्देश्य था कि आस-पड़ोस के लोग सावधानी बरतें लेकिन यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया। 

उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों के कारण लोग जांच कराने से कतराने लगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोस्टर लगाए जाने से सामाजिक तौर पर अलगाव की भावना भी पैदा हुई और मरीजों को लेकर भी लोगों के मन में अलग नजरिया पैदा हो गया। सिंह ने कहा कि समाज को मरीजों और उनके परिवारों का समर्थन करना चाहिए । मुख्यमंत्री ने पोस्टर हटाए जाने के बावजूद लोगों से सभी एहतियाती कदम उठाने और पृथक-वास के संबंध में सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया । उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन आपदा प्रबंधन कानून, महामारी कानून और आईपीसी के तहत दंडनीय अपराध होगा।

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