सहारनपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस ने अफवाह फैलाने वाले एक ट्वीट पर पहली बार एफआइआर दर्ज की है। दिल्ली की रीतू राठौर पर झूठी अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने का आरोप है। मामला पिछले महीने सड़क हादसे में मरे दरोगा नरेंद्र त्यागी की मौत का है। खनन सामग्री से लदे एक ट्रक की चपेट में आने से देहरादून हाइवे पर बड़कला चेकपोस्ट के पास दरोगा की दर्दनाक मौत हो गई थी।
लेकिन रीतू राठौर ने अपने ट्वीट में घटनास्थल पर मरे दरोगा की तस्वीर को न सिर्फ साझा किया, बल्कि दादरी कांड पर मच रहे बवाल के क्रम में इस तस्वीर पर लिखा कि यह हत्या वाहन चेकिंग के दौरान गोतस्करों ने की। पोस्ट में मुस्लिमों को लेकर आपत्तिजनक शब्द भी हैं।
रीतू राठौर का यह ट्विटर एकाउंट ‘सत्यसाधक। truthseeker’ नाम से है। कोतवाली सदर बाजार के उपनिरीक्षक जयवीर सिंह की ओर से यह मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसमें कहा गया है कि कि दिल्ली निवासी सत्य साधक रीतू राठौर ने अपने ट्वीटर एकाउंट पर ट्वीट किया कि सहारनपुर में देहरादून हाइवे पर 20 सितंबर को एसआई नरेंद्र त्यागी ने बड़कला चेकपोस्ट पर जब गौवंश से लदे ट्रक को रुकवाने का प्रयास किया तो गौ-तस्करों ने उनके ऊपर ट्रक चढ़ाकर मौत के घाट उतार दिया। इसके साथ ही मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अभद्र टिप्पणी भी की गई। एफआइआर का आधार इस ट्वीट के उस स्क्रीन शॉट को बनाया गया है, जो एसआई जयवीर को व्हाट्सऐप पर प्राप्त हुआ। मुकदमा आइपीसी की धारा 505 (अफवाह फैलाना) के तहत दर्ज हुआ है।
‘एसआइ नरेंद्र की हत्या गौतस्करों द्वारा करने की अफवाह फैलाई जा रही है। महिला थाने के एसआइ नरेंद्र की सड़क हादसे में उस समय मौत हो गई थी जब वह देहरादून से एक मामले की जांच कर बाइक पर वापस लौट रहे थे। उनको खनन से भरे ट्रक ने कुचल था और ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद चालक सलीम पुत्र जमील निवासी खतौली जनपद मुजफ्फरनगर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अब अफवाह फैलाने पर रीतू राठौर के खिलाफ कोतवाली सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज की गई है।’