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पीडीपी-भाजपा गठबंधन के मुद्दे पर दिग्विजय ने साधा आरएसएस पर निशाना

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 01, 2016 09:58 pm IST,  Updated : Apr 01, 2016 09:58 pm IST

वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नेतृत्व से जानना चाहा कि आखिर भाजपा जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ कैसे सरकार बना सकती है जबकि पीडीपी ने एक बार संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी का विरोध किया था।

digvijay singh- India TV Hindi
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नागपुर: वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नेतृत्व से जानना चाहा कि आखिर भाजपा जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ कैसे सरकार बना सकती है जबकि पीडीपी ने एक बार संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी का विरोध किया था। दिग्विजय ने पत्रकारों को बताया, मैं यह सवाल आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से उन्हीं के गढ़ (नागपुर में आरएसएस का मुख्यालय है) में पूछना चाहता हूं, न कि प्रधानमंत्री मोदी से (कि भाजपा ने आखिर पीडीपी से कैसे हाथ मिला लिया)।

उन्होंने कहा कि पीडीपी ने खुलेआम सरकार के फैसले और फिर अफजल गुरू की फांसी की आलोचना की थी। गौरतलब है कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती चार अप्रैल को जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगी। पीडीपी और भाजपा ने 26 मार्च को सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इस साल सात जनवरी को अपने पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद कुछ महीने तक रही अनिश्चितता के बाद 24 मार्च को महबूबा को पीडीपी विधायक दल का नेता चुना गया था। मुफ्ती मोहम्मद सईद ने भाजपा के साथ गठबंधन में 10 महीने तक सरकार चलाई थी।

दिग्विजय ने भारत माता की जय के नारे लगाने को लेकर गैर-जरूरी विवाद पैदा करने के लिए भी आरएसएस नेतृत्व की आलोचना की। कांग्रेस मुक्त भारत बनाने के भाजपा के सपने की खिल्ली उड़ाते हुए दिग्विजय ने कहा कि देश में कांग्रेस की एक विरासत है और उसने स्वतंत्रता संघर्ष में प्रमुख भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, (भारत माता की जय) के बारे में ऐसी टिप्पणियों की कोई जरूरत नहीं थी। स्वतंत्रता संघर्ष में न तो भाजपा और न ही आरएसएस शामिल थे और उन्हें ऐसे नारे लगाने की बातें नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस महासचिव ने पिछड़े समुदाय के लिए आरक्षण आंदोलन की समीक्षा की बाबत भागवत की टिप्पणियों के लिए भी उनकी आलोचना की।

उत्तराखंड एवं अरूणाचल प्रदेश में राजनीतिक संकट के मुद्दे पर दिग्विजय ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकारें अस्थिर करने के लिए दोनों जगहों पर दलबदल विरोधी कानून का उल्लंघन किया है।

पीडीपी में बदलाव की संभावना
पीडीपी के संस्थापक और संरक्षक मुफ्ती सईद के निधन के करीब तीन महीने बाद संगठन में फेरबदल होने की संभावना है जिसके लिए पार्टी पदाधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफे दे दिए। जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन से पहले संगठन में फेरबदल के लिए पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। पीडीपी के प्रवक्ता ने कहा, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के पदाधिकारियों-- महासचिव निजामुद्दीन भट, रफी अहमद मीर, वेद महाजन, महबूब इकबाल और पार्टी अध्यक्ष के राजनीतिक सलाहकार पीरजादा मंसूर हुसैन ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया और पद छोड़ दिया है।

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