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भुजबल मामला: ईडी ने मुंबई में छापेमारी की

 Written By: PTI
 Published : Jun 22, 2015 02:03 pm IST,  Updated : Jun 22, 2015 02:05 pm IST

मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व लोक निर्माण विभाग मंत्री छगन भुजबल के खिलाफ दर्ज दो मामलों के संदर्भ में मुंबई और आसपास के कई स्थानों पर आज छापेमारी की। प्रवर्तन निदेशालय ईडी के

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भुजबल मामला: ईडी ने मुंबई में छापेमारी की

मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व लोक निर्माण विभाग मंत्री छगन भुजबल के खिलाफ दर्ज दो मामलों के संदर्भ में मुंबई और आसपास के कई स्थानों पर आज छापेमारी की। प्रवर्तन निदेशालय ईडी के एक अधिकारी ने कहा, हम मामले से संबंधित लोगों से जुड़े स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं। अधिकारी ने उन व्यक्तियों का नाम बताने से इनकार कर दिया जिनके परिसरों की तलाश की जा रही है। अधिकारी ने कहा,  छापेमारी दिन भर जारी रहेगी।

ईडी ने कुल 900 करोड़ रपए की वित्तीय अनियमितता के संदेह में पिछले सप्ताह राकांपा के नेता के खिलाफ धनशोधन रोकथाम कानून के तहत दो ईसीआईआर दर्ज की थीं। निदेशालय ने सिंगापुर आधारित उस कंपनी के चार व्यक्तियों को भी समन जारी किया था जिसमें भुजबल की कंपनी आर्मस्ट्रांग एनर्जी ने निवेश किया है। ईटी द्वारा दर्ज किया गया पहला मामला महाराष्ट्र सदन घोटाले और कलीना भूमि आवंटन मामले से संबंधित है जबकि दूसरा मामला नवी मुंबई में एक आवासीय परियोजना संबंधी है। इस परियोजना के डेवलपर ने 2010 में फ्लैट की कुल कीमत का 10 प्रतिशत बुकिंग राशि के तौर पर कथित रूप से एकत्र किया था लेकिन फ्लैटों के निर्माण का कोई काम शुरू नहीं किया गया। भुजबल दो अंतिम

नवी मुम्बई पुलिस ने 13 जून को इस मामले में भुजबल के खिलाफ मामला दर्ज किया था जो 44 करोड़ रूपये की राशि से जुड़ा है। इससे 2,300 लोग संबंधित हैं जिन्होंने नवी मुम्बई के खारघर में भुजबल के परिवार के स्वामित्व वाली रियल ईस्टेट कंपनी द्वारा प्रवर्तित हेक्स वल्र्ड परियोजना में मकान बुक कराया था। पिछले चार वर्षों से आवास परियोजना शुरू होने का इंतजार कर रहे 25-30 लोगों के समूह ने निर्माण में देरी के मुद्दे पर अदालत से सम्पर्क किया था। इससे पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मुंबई में सात, ठाणे में दो, नासिक में पांच और पुणे में दो संपत्तियों पर छापे मारे थे, ताकि छगन भुजबल, उनके विधायक पुत्र पंकज भुजबल और भतीजे सैम के स्वामित्व वाली संपत्तियों का पता लगाया जा सके ।

इसके बाद 18 जून को बंबई उच्च न्यायालय ने एसीबी को महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री छगन भुजबल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच पूरी करने का आदेश दिया था और दो माह में अंतिम रिपोर्ट जमा करने को कहा था। अदालत ने एसीबी को 22 जुलाई तक अंतरिम रिपोर्ट और 19 अगस्त तक अंतिम रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय ने 18 दिसंबर, 2014 को भुजबल और उनके रिश्तेदारों द्वारा संचालित निजी कंपनियों द्वारा धनशोधन संबंधी अनियमितताओं के 11 विभिन्न आरोपों में जांच के लिए एक विशेष जांच दल एसआईटी के गठन का निर्देश दिया था जिसमें एसीबी और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी शामिल हों।

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