नई दिल्ली: दिल्ली में एक और मासूम डॉक्टरों की बेरुख़ी के कारण अपनी जान गंवा बैठी। मामला साउथ दिल्ली के देवली इलाके की है। हैरानी की बात तो यह है कि दिल्ली के जिन अस्पतालों में तीन साल की तान्या का तीन दिन तक इलाज चला वहां किसी भी डॉक्टर ने डेंगी का टेस्ट ही नहीं कराया। डॉक्टरों ने मामूली बुखार बताकर तान्या को घर भेज दिया और जब वक्त हाथ से निकल गया तो पता चला कि तान्या को डेंगी था। अब तान्या का परिवार कह रहा है कि उनकी बच्ची को डेंगी ने नहीं डॉक्टरों ने मार डाला।
वहीं सरकार दावा कर रही है कि हालात काबू में हैं और सबको इलाज मिल रहा है लेकिन हकीकत ये है कि डेंगी के नाम पर लैब में लूट मची हुई है। सरकार ने जिस डेंगी के टेस्ट का 600 रुपए तय किया है उसके लिए लैब वाले 1500 रुपए तक वसूल रहे हैं। ये खुलासा तब हुआ जब इंडिया टीवी ने सच जानने के लिए अस्पतालों और लैब का स्टिंग ऑपरेशन किया। इंडिया टीवी की टीम सबसे पहले पहुंची दिल्ली के मयूर विहार के सत्य निकेतन के अरोड़ा डायग्नोस्टीक सेंटर पर। इस लैब पर मौजूद रिसेप्शनिस्ट से जब हमने डेंगू टेस्ट का रेट पूछा तो सुनिये, क्या बताया गया।
रिपोर्टर- डेंगू का टेस्ट करवाना है।
रिसेप्शनिस्ट- हां जी ?
रिपोर्टर- डेंगू का टेस्ट करवाना है
रिसेप्शनिस्ट- रिपोर्ट शाम साढे 7 बजे तक मिलेगी।
रिपोर्टर- टेस्ट का क्या रेट है?
रिसेप्शनिस्ट- 1500 रूपये
रिपोर्टर- 1500 रूपये ना ?
रिसेप्शनिस्ट- हां
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