सेंधवा (बड़वानी): फसल बर्बाद होने से किसानों द्वारा खुदकुशी करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। मध्य प्रदेश में एक और किसान ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। सोलवन में 30 वर्षीय किसान भीमसिंह ने पेड़ पर फांसी लगा ली। शनिवार सुबह शव खेत में लगे पेड़ पर लटका मिला। भीमसिंह के पर कर्ज भी हो गया था। खरगोन-बड़वानी जिले में किसानों को खुदकुशी करने का यह छठा मामला है।
किसान के पिता डोंगरसिंह और पत्नी खियालीबाई ने बताया कि सोयाबीन की फसल बर्बाद होने और कर्ज के कारण भीमसिंह तनाव में था। भीमसिंह ने महाराष्ट्र के बेटावद में एक व्यापारी के पास चांदी के आभूषण गिरवी रखकर 50 हजार रुपए उधार ले रखे थे। उसने गांव में भी कुछ लोगों से कर्ज ले रखा था।
कर्ज में डूबे किसान की कहानी
इसी वर्ष साझेदारी में की गई चार एकड़ की खेती में महज 3 क्विंटल सोयाबीन निकलने के बाद से भीमसिंह परेशान था। तीन दिन पहले महाराष्ट्र स्थित एक अन्य व्यापारी ने भी गांव आकर याद दिलाया था। पत्नी खियालीबाई ने बताया कि उनके पति ने एक एकड़ से भी छोटे खेत में प्याज की फसल बोई थी। वह भी सूखने के कगार पर है।
वरला थाना प्रभारी सुरेश महाले ने बताया कि परिजन ने चांदी गिरवी रख महाराष्ट्र से कर्ज लेने की बात कही है। एक महीने पहले उसे पथरी की बीमारी की बात भी सामने आई है।
वहीं, दूसरा मामला बरूड़ का है। यहां कर्ज से परेशान 52 वर्षीय किसान रमेश ने घर पर कीटनाशक पी लिया। वह जिला अस्पताल में भर्ती है। उसकी पत्नी ने बताया कि रमेश पर डेढ़ लाख रुपए कर्ज है।
साभार- नईदुनिया