मुरादाबाद: यूपी के मुरादाबाद में सरकारी फाइलें जलाने का मामला सामने आया है। सोमवार को जब पूरा देश गणतंत्र दिवस सामरोह की तैयारी में जुटा था, उस समय मुरादाबाद के विकास भवन में सरकारी फाइलों को आग के हवाले किया जा रहा था। दफ्तर के कर्मचारी डिपार्टमेंट से जुड़ी फाइलों को एक-एक कर आग लगा रहे थे। जलाई गई फाइलों में विकास भवन की फाइलें समेत सांसद निधि से कराए गए काम की भी फाइलें भी शामिल थीं।
सरकारी फाइलों की आग की होली
फाइलों में आग लगाने का मामला सोमवार सुबह ग्यारह बजे के करीब का है। सुबह दफ्तर खुला ही था कि बाबु साहब अपने एक कर्माचरी के साथ पहुंच गए फाइलों को लेकर और फिर एक-एक कर इन फाइलों को आग के हवाले करने लगे। जब आग लगाने की वजह पूछी गई तो भाग खड़े हुए।
आग लगाने वाले बाबु साहब और उनके सहयोगियों से जब इस बारे में पूछा गया तो बाबु साहब और उनके सहयोगी कर्मचारियों ने इस बारे में कुछ नहीं कहा। ना कर्मचारी कुछ कहने को तैयार था, ना बाबू साहब ही कुछ कह रहे थे लेकिन जब इन फाइलों को टटोला गया तो हैरान करने वाली जानकारी सामने आई।
सांसद निधि से कराए गए काम की फाइल भी जलाई
जल रही इन फाइलों में सांसदों और पूर्व सांसदों से जुड़ी फाइलें शामिल थी। समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव के साथ-साथ पूर्व सांसद शाफिकुर्रहमान बर्क और वीर सिंह के सांसद निधि कोष से से पहले कराए गए कार्यों से जुड़ी फाइल थी। इसके साथ ही मुरादाबाद विकास भवन के अलग-अलग डिपार्टमेंट से जुड़ी भी कई फाइलें मौजूद थी।
यही वजह थी कि बाबू साहब से लेकर कर्मचारी तक चुप्पी साधे थे। जब उनका पीछा कर बाबू साहब को रोका तो पहले तो वो पुलिस का डर दिखाने लगे और जब उन्हें बात बनती नजर नहीं आई तो फाइल जलाने की बात से ही पल्ला झाड़ लिया और साफ-साफ पलट गए। हालांकि इसके पहले इस बाबू साहब ने इस बारे में हल्का सा एक इशारा दिया था लेकिन फिर वो इस बात से किनारा करते दिखे।
फाइलों में घोटाले के कौनसे राज दफ्न थे ?
अब तक ये पता नहीं चल सका है कि ये फाइलें किसके कहने पर जलाई गई और क्यों जलाई गई। आपको बता दें कि मुरादाबाद के विकास भवन में दो दर्जन से ज्यादा सरकारी विभागों के दफ्तर हैं और पूरे जिले के विकास कार्यों सहित कई सरकारी योजनाओ का क्रियावन यहीं से होता है। घटना के सामने आने के बाद से मुरादाबाद के डीएम ने इस मामले के जांच के आदेश दिए हैं।
इन फाइलों में कौन-कौन से राज दफ्न थे, ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन फिलहाल ये आशंका जताई जा रही है कि जिस तरह से इन फाइलों को जलाया गया। उससे कई घोटालों के राज भी दफ्न होने की आशंका है।
अगली स्लाइड में देखिए वीडियो- आग के हवाले सरकारी फाइलें