नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि संसद के बजट सत्र में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पारित हो जाएगा। गौरतलब है कि संसद के बजट सत्र की शुरुआत अगले महीने होगी।
जेटली ने यहां भारतीय राजस्व सेवा के प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा, "अब तक इस विधेयक को लेकर विभिन्न राज्यों के बीच सहमति बन चुकी है। जहां तक राजनीतिक दलों का सवाल है तो यह सभी जानते हैं कि सभी दल इस विधेयक पर सहमत है लेकिन पिछले कुछ सत्रों से संसद को चलने नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण यह विधेयक अटका हुआ है।"
उन्होंने आगे कहा, "संसद का आने वाला सत्र काफी महत्वपूर्ण है। क्योंकि राज्यसभा में विभिन्न दलों के सदस्यों की संख्या में बदलाव होगा और हमें इसका फायदा होगा। मैं उम्मीद करता हूं कि अगले सत्र में हम इस विधेयक को पारित कर पाएंगे।"
जीएसटी विधेयक लोकसभा में मई 2015 में पारित हो गया था और संसद का बजट सत्र फरवरी अंत से शुरू होगा। भारतीय राजस्व सेवा के प्रशिक्षार्थी अधिकारियों को संबोधित करते हुये जेटली ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच जीएसटी को लेकर करीब करीब आम सहमति है और हर कोई इसका समर्थन करता है। उन्होंने कहा, पिछले दो सत्रों में हंगामे की वजह से यह पारित नहीं हो पाया।
जीएसटी के अमल में आने पर अप्रत्यक्ष क्षेत्र के सभी कर इसमें समाहित हो जायेंगे। उत्पाद शुल्क, सेवाकर और राज्यों का बिक्री कर सभी के लिये एक दर हो जायेगी। यह विधेयक राज्यसभा में अटका पड़ा है जहां मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विरोध के चलते यह पारित नहीं हो पाया।
संसद के पिछले दो सत्रों के दौरान कांग्रेस ने जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक को पारित होने में बाधा खड़ी की जिससे कि सरकार की इसे एक अप्रैल 2016 से लागू करने की योजना खटाई में पड़ गई।