
अहमदाबाद में सुरक्षा बलों की 49 कंपनियां तैनात की गई हैं। यहां मंगलवार को पटेल समुदाय की रैली में 12 लाख से अधिक लोग पहुंचे थे।
सूरत में सुरक्षा बलों की 10 कंपनियां तैनात की गई हैं। शहर में बड़े पैमाने पर आगजनी और लूटपाट की घटनाएं हुई हैं।
कई शहरों में लगा कर्फ्यू भी बवाल को रोक नहीं सका। अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त शिवानंद झा ने बताया कि शहर में रात का कर्फ्यू बुधवार को भी जारी रहेगा।
अहमदाबाद और हिंसा प्रभावित तमाम शहरों में स्कूल-कॉलेज गुरुवार को भी बंद रहेंगे।
पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पीएएएस) के संयोजक 22 साल के हार्दिक पटेल मंगलवार देर शाम पटेल समुदाय को आरक्षण देने की मांग को लेकर अनशन पर बैठ गए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।
दो घंटे बाद हिरासत से छूटने पर हार्दिक ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी और सरकार को मांगें मानने के लिए 48 घंटे का वक्त दिया था। उन्होंने बुधवार को बंद का आह्वान किया।
हार्दिक पर पुलिस की कार्रवाई की खबर जंगल में आग की तरह फैली, जिसके विरोध में गुस्साए पटेलों ने राज्य में अलग-अलग जगहों पर सार्वजनिक और निजी संपत्तियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
अहमदाबाद में कम से कम दो कैबिनेट मंत्रियों के घरों पर भी हमला किया गया। एक पुलिस चौकी फूंक दी गई।
पुलिस ने अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, मेहसाणा, उंझा और विजनगर में कर्फ्यू लगाकर हालात पर काबू पाने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिह से बात की है और हिंसा की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हिंसा के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।