सूरत: गुजरात के शहर सूरत के हीरा व्यापारी शिवजी ढोलकिया ने दीवाली पर अपने कर्मचारियों को बोनस के रुप में 400 फ़्लैट और 1,260 कारें दी हैं। अरबपति हेने के बावजूद ढोलकिया ने अपने बेटे को पैसे की एहमियत समझाने के लिए शारीरिक परिश्रम करवाया था।
हरे कृष्णा एक्पोर्ट कंपनी के मालिक ढोलकिया ने इस साल 51 करोड़ रुपये बोनस पर ख़र्च किए हैं। कंपनी ने 1716 कर्मचारियों को सर्वक्षेष्ठ कर्मचारी चुना है। ये कंपनी हर साल जी खोलकर बोनस देती है। पिछले साल भी कंपनी ने अपने कर्मचारियों को 200 फ़्लैट और 491 कारें बोनस में दी थीं।
ढोलकिया अमरेती ज़िले के दूधाला गांव के हैं। उन्होंने अपने चाचा से उधार लेकर हीरों का कारोबार शुरु किया था। ढोलकिया रातों रात अरबपति नहीं बने हैं। पैसे और मेहनत की एहमियत समझाने के लिए उन्होंने अपने बेटे द्रव्य को तीन जोड़ी कपड़े और सात हज़ार रुपये देकर कोच्चि भेजा था ताकि वह अपने पैरों पर खड़ा होना सीख सके।