1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 40 पैसे के लिए कोर्ट में घसीटा! क्या चंद पैसों से लाखों कमाते हैं होटल वाले

40 पैसे के लिए कोर्ट में घसीटा! क्या चंद पैसों से लाखों कमाते हैं होटल वाले

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 05, 2021 09:40 am IST,  Updated : Jul 05, 2021 09:40 am IST

मूर्ति ने दावा किया, "अगर होटल वास्तविक बिल पर 40 पैसे या 50 पैसे की सीमा तक अधिक राशि जमा करता है, तो यह निर्दोष ग्राहकों को धोखा देकर सालाना लाखों रुपये कमाएगा।" 

hotel sued for 40 paise by advocate in bengaluru round off money 40 पैसे के लिए कोर्ट में घसीटा! क्य- India TV Hindi
40 पैसे के लिए कोर्ट में घसीटा! क्या चंद पैसों से लाखों कमाते हैं होटल वाले Image Source : INDIA TV

बेंगलुरु. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बेहद दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां के एक वकील और एक्टिविस्ट टी नारसिम्हा मूर्ति (T Narasimha Murthy) ने शहर के एक होटल के खिलाफ शिकायत के साथ Bangalore Rural and Urban Ist Additional District Consumer Disputes Redressal Commission से संपर्क किया है, जो बिल को rounding off करके निकटम रपये में बदल देता है।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार, टी नारसिम्हा मूर्ति बेंगलुरु के एक होटल में गए थे, यहां उनका बिल 264.60 रुपये आया। हालांकि होटल ने इस बिल को राउंड ऑफ करते हुए 265 बना दिया और उनसे 40 पैसे ज्यादा चार्ज किए। इसको लेकर उन्होंने होटल के मैनजर और अन्य लोगों से बात भी की लेकिन कोई भी संतोषजनक उत्तर न दे सका, जिसका बाद T Narasimha Murthy ने होटल को कोर्ट में घसीट लिया।

मूर्ति ने दावा किया, "अगर होटल वास्तविक बिल पर 40 पैसे या 50 पैसे की सीमा तक अधिक राशि जमा करता है, तो यह निर्दोष ग्राहकों को धोखा देकर सालाना लाखों रुपये कमाएगा।" आयोग ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की और इसे 20 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया। इस मामले पर जब ब्रुहट बैंगलोर होटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पीसी राव से बात की गई तो उन्होंने कहा, "मैं कोई टिप्पणी करने से बचूंगा क्योंकि मामला विचाराधीन है।"

हालांकि, एक अन्य होटल व्यवसायी ने बताया कि बिल राशि को राउंड ऑफ करने के पीछे कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था। उन्होंने कहा, "चूंकि 50 पैसे का सिक्का या 1 रुपये से कम मूल्य के अन्य सिक्के उपयोग में नहीं हैं, इसलिए हम राशि को निकटतम रुपये में पूर्णांकित करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि बिल का योग 264.50 रुपये है, तो हम इसे 264 रुपये कर देंगे।" यह पूछे जाने पर कि क्या हर कोई एक ही नियम का पालन करता है, उन्होंने कहा, "हमें यकीन नहीं है। हम अपनी अगली एसोसिएशन मीटिंग में इस मामले पर चर्चा करेंगे।"

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत