नई दिल्ली: उत्तर-कोरिया ने हाइड्रोजन बम का परीक्षण करके पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। जहां हाईड्रोजन बम का परीक्षण किया गया उसके नजदीक 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। नॉर्थ कोरिया ने हाइड्रोजन बम टेस्टिंग की पुष्टि भी कर दी। खास बात ये है कि 8 जनवरी को नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग का जन्मदिन है और ये परीक्षण सेना की तरफ से बर्थ डे गिफ्ट माना जा रहा है।
तानाशाह ने बनाया तबाही का हथियार
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग की सनक से पूरी दुनिया में एक बार फिर खलबली मच गई है। नॉर्थ कोरिया ने दावा किया है कि उसने शक्तिशाली हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया है। ये बम कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाइड्रोजन बम के परीक्षण से भूकंप जैसी स्थिति आ गई। बुधवार सुबह उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण केंद्र के नजदीक 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
क्या होता है हाइड्रोजन बम?
हाइड्रोजन बम में चेन रिएक्शन फ्यूजन होता है, जो न्यूक्लियर बम के मुकाबले कई गुना ज्यादा तबाही लाने वाला होता है। हाइड्रोजन बम में हाइड्रोजन के आइसोटॉपिक ड्यूटीरियम और ट्राइटिरियम की जरुरत पड़ती है। हाइड्रोजन बम में परमाणुओं के संलयन करने से विस्फोट होता है। इस फ्यूजन के लिए 5 करोड़ डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर की जरुरत पड़ती है।
अब तक हाइड्रोजन बम अमेरिका और रूस जैसे विकसित देशों के पास ही थी। ये परमाणु बम से कई गुना शक्तिशाली होता है। ऐसे में पूरी दुनिया इस बात को लेकर भी हैरान है कि आखिर उत्तर कोरिया ने हाइड्रोजन बम कैसे तैयार किया। सब इस बात को लेकर कयास लगा रहे हैं कि ये बम कहां तैयार हुआ और उत्तर कोरिया ने ये बम क्यों बनाया।
कहां बनकर तैयार हुआ हाइड्रोजन बम ?
अमेरिका का आरोप है कि उत्तर कोरिया ने यांगयोन न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर में हाइड्रोजन बम तैयार किया है। जबकि ये रिएक्टर साल 2007 में बंद कर दिया गया था। और वाशिंगटन की इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्युरिटी ने पहले ही आशंका जाहिर की थी कि इसी न्यूक्लियर सेंटर में खतरनाक हथियार बनाए जा रहे हैं। सैटेलाइट की तस्वीरों में पहले भी दावा किया जा चुका है कि इस न्यूक्लियर सेंटर में नॉर्थ कोरिया ने हाइड्रोजन बम बनाने की टेक्नीक डेवलप कर ली है और ट्राइटिरियम भी बना चुका है जो हाइड्रोजन बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला मेन कम्पोनेंट है।
नॉर्थ कोरिया के इस हाइड्रोजन बम का चीन, अमेरिका, जापान और साउथ कोरिया समेत कई देशों ने ने कड़ा विरोध किया है। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इसे खतरनाक करार दिया।
परमाणु बम से कई गुना शक्तिशाली होता है हाइड्रोजन बम
इससे पहले साउथ कोरिया और जापान ने दावा किया था कि ये एक परमाणु परीक्षण है लेकिन चंद घंटे में ही नॉर्थ कोरिया ने आधिकारिक पुष्टि कर दी की उसने एक शक्तिशाली हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया है। किम जोंग ने जैसे ही ये खतरनाक हाइड्रोजन बम का टेस्ट किया धरती हिल गई। नॉर्थ कोरिया में न्यूक्लियर टेस्ट सेंटर के पास भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.1 मापी गई। नॉर्थ कोरिया 2006, 2009 और 2013 में न्यूक्लियर बम की टेस्टिंग कर चुका है। साल 2013 में नॉर्थ कोरिया ने अंडर वाटर न्यूक्लियर टेस्ट किया था।
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