नई दिल्ली: राहुल गांधी के कालेधन का खुलासा करने की योजना के संदर्भ में फेयर एंड लवली बयान का कड़ा जवाब देते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज कांग्रेस को वर्ष 1997 में लाई गई योजना का स्मरण दिलाया जिसके तहत कालेधन का खुलासा करने के लिए कोई जुर्माना नहीं लगाया गया था।
काला धन रखने वालों के नाम बताने में सरकार को हिचक नहीं
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हो रहे धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए उन्होंने कहा कि काला धन रखने वालों के नामों का खुलासा करने में सरकार को कोई हिचक नहीं है लेकिन ऐसा प्रक्रिया के अनुरूप किया जाएगा और इससे पहले कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। सरकार द्वारा आय के खुलासे की योजना का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि विगत 21 महीनों में हमने अपना इरादा दर्शाया है। कालाधन रखने वालों को छोड़ा नहीं जायेगा और उन्हें अब लाये गये सख्त कानून के तहत दंडित करेंगे।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने लगाया था आरोप
पिछले सप्ताह कांग्रेस उपाध्यक्ष ने लोकसभा में आरोप लगाया था कि सरकार की कालेधन का खुलासा करने की योजना फेयर एंड लवली योजना है जो कालेधन को सफेद करने की छूट देती है। उनके इस बयान पर प्रहार करते हुए जेटली ने कहा, जब आप हमारे द्वारा कालेधन के खिलाफ उठाये जाने वाले कदमों के बारे में टिप्पणियां करते हैं तो कृपया इमानदारी से अपने ट्रैक रिकार्ड (इतिहास) को देख लें। इस पर कड़ा प्रहार करते हुए जेटली ने वर्ष 1997 में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम द्वारा घोषित कर गई समान स्कीम का हवाला दिया।
सरकार की नई योजना माफी योजना नहीं
कालेधन के बारे में विपक्ष की आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा घोषित नई योजना कोई माफी योजना नहीं है। उन्होंने कहा, अगर आपके पास कोई ऐसी आय है जिसके लिए कर देने से बचा गया है तो इसे घोषित करें, कर के साथ 50 प्रतिशत जुर्माने का भुगतान करें। यह कोई माफी नहीं हो सकता जिसमें 50 प्रतिशत का जुर्माना लगाया गया हो।