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जेटली ने अदालत से कहा, डीडीसीए प्रमुख रहते कोई धन नहीं लिया

 Written By: PTI
 Published : Jan 05, 2016 07:32 pm IST,  Updated : Jan 05, 2016 07:32 pm IST

नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज दिल्ली की एक अदालत से कहा कि उन्हें दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) अध्यक्ष पद पर रहते हुए किसी से कोई धन नहीं मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद

Arun Jaitley told court he did not take any money as DDCA...- India TV Hindi
Arun Jaitley told court he did not take any money as DDCA chief

नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज दिल्ली की एक अदालत से कहा कि उन्हें दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) अध्यक्ष पद पर रहते हुए किसी से कोई धन नहीं मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर उनके साथ काम करने वाले एक खास व्यक्ति के खिलाफ सीबीआई जांच से ध्यान हटाने का आरोप लगाया। जेटली ने कहा कि केजरीवाल और आप के पांच अन्य नेताओं कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक बाजपेयी ने झूठ बोला कि डीडीसीए अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने धन का गबन किया और वह इसके लाभार्थी थे।

केजरीवाल तथा अन्य के खिलाफ जेटली द्वारा दायर आपराधिक मानहानि शिकायत के समर्थन में वह अपना बयान दर्ज कराने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट संजय खनगवाल के सामने पेश हुये। वित्त मंत्री ने कहा कि केजरीवाल और अन्य ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठे और मानहानि वाले बयान दिए।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल का यह बयान झूठा है कि डीडीसीए प्रमुख के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान जब फिरोज शाह कोटला स्टेडियम का निर्माण हुआ, तो उन्हें धन मिला क्योंकि निदेशक मंडल ने काम पर नजर रखने के लिए एक समिति बनाई थी और वह इस निगरानी समिति के सदस्य नहीं थे।

जेटली के अलावा अदालत ने वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा का बयान भी दर्ज किया, जो इस मामले में शिकायतकर्ता के गवाह के रूप में पेश हुए।

करीब 70 मिनट तक बयान दर्ज होने के दौरान जेटली ने छह लोगों के ट्विटर और फेसबुक पोस्ट का जिक्र किया और कहा कि उनके बयानों ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया। अदालत ने इस मामले में शिकायकर्ता के अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए तीन फरवरी की तारीख तय की।

जेटली ने 21 दिसंबर को आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था और इन लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने का अनुरोध किया गया है। कानून में इन अपराधों के लिए दो साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। यह शिकायत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी, जिनमें धारा 499 (मानहानि), 500 (सजा), 501 और 502 (अपमानजनक सामग्री का मुद्रण एवं बिक्री) शामिल है।

अपनी शिकायत में जेटली ने कहा था कि मुख्यमंत्री और आप के अन्य नेताओं ने साझा इरादे के तहत राजनीतिक लाभ लेने के लिए 15 दिसंबर से उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एक झूठा, द्वेषपूर्ण और अपमानजनक अभियान चलाया, जिससे उन्हें अपूर्णनीय क्षति हुई है।

शिकायत में आप के नेताओं की ओर से संवाददाता सम्मेलनों में लगाए गए कुछ आरोपों का हवाला दिया, जिनमें से एक आरोप यह था कि सीबीआई ने दिल्ली सरकार के अधिकारी के कार्यालय पर जेटली के कर घोटाले की फाइलें ढूंढने के लिए छापा मारा और जेटली के कार्यकाल के दौरान कई सौ करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ था और उन्होंने 15 साल से भी अधिक समय तक डीडीसीए को इससे बचाने की कोशिश की।

जेटली ने कहा था कि आप के नेताओं ने ये बयान मौखिक रूप से और ट्विटर हैंडल के जरिए जारी किए, जिसे 15 दिसंबर से 20 दिसंबर तक इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया ने प्रसारित किया।

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