नई दिल्ली: निर्भया कांड के एक मात्र नाबालिग अपराधी को एनजीओ में रखे जाने की खबर के बाद पीड़िता के माता-पिता ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि किशोर अपराधी को एनजीओ में रखना आजाद रखने के जैसा है और उसे खुला घूमने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।
आपको बता दें कि इस नाबालिग अपराधी की दिसंबर में रिहाई होनी थी लेकिन अब उसे एनजीओ में रखे जाने का फैसला किया गया है। गौरतलब है कि 16 दिसंबर साल 2013 को दिल्ली में कुछ लोगों ने एक चलती बस में निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार किया था और फिर उसे सर्द जाड़े की रात में बिना कपड़ों के सड़क पर उसके ब्वॉयफ्रेंड के साथ छोड़ गए थे।
दोषी ठहराए गए किशोर की इस महीने आसन्न रिहाई के बाद उसे एक एनजीओ की करीबी निगरानी में रखे जा सकने की खबरों के बीच पीड़िता की मां ने आज कहा कि उसे खुला घूमने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए। पीडि़ता की मां ने कहा कि उनकी बेटी की बरसी पर उसकी रिहाई उनके मुंह पर तमाचा है। उन्होंने कहा, हमारे लिए उसका (किशोर) एक एनजीओ में रहना उसके आजाद रहने जैसा ही है। हमारी मांग है कि उसे रिहा नहीं किया जाना चाहिए।