मुंबई: शिवसेना शासित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बुधवार को अभिनेत्री कंगना रनौत के बांद्रा स्थित दफ्तर का 'अवैध निर्माण' में तोड़ दिया। इसे लेकर विवाद चल रहा है। अब कंगना रनौत की लीगल टीम इस मामले में BMC से हर्जाना वसूलने की तैयारी कर रही है। कंगना रनौत की लीगल टीम का कहना हैं कि जो तोड़फोड़ हुई हैं, उसके खिलाफ वह BMC से हर्जाना वसूल करने की मांग कोर्ट में रखेंगे।
अभिनेत्री कंगना रनौत की दलील है, "हमारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। तोड़क कार्रवाई के दौरान संपत्ति को जो नुकसान BMC ने पहुंचाया हैं, उस नुकसान की भरपाई करनी पड़ेगी।" बता दें कि BMC का मानना है कि कंगना के दफ्तर के कुछ हिस्से का अवैध रूप से निर्माण किया गया था। ऐसे में BMC ने बुधवार को अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई की। इससे पहले बीएमसी ने बंगले के बाहर नोटिस लगाया था।
BMC की इस कार्रवाई का कंगना ने विरोध किया और हाई कोर्ट से कार्रवाई को रोकने की मांग की थी। कंगना के वकील ने हाई कोर्ट से BMC की कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए गुहार लगाई थी। उनकी अपील पर ही हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए BMC की कार्रवाई पर रोक लगा दी। हालांकि, कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक से पहले ही BMC उनके दफ्तर में काफी तोड़फोड़ कर चुकी थी।
बता दें कि बीते मार्च महीने में बॉम्बे हाई कोर्ट ने BMC सहित महाराष्ट्र के सभी नगर निगमों को आदेश दिया गया था कि महामारी के समय अवैध निर्माण को गिराने की कोई कार्रवाई नहीं होगी। आदेश में यह भी कहा गया था कि अगर नगर निगम के लिए अवैध निर्माण गिराना बहुत जरूरी होगा तो उसके लिए न्यायालय की अनुमति लेनी होगी।
इसके बावजूद भी BMC ने बुधवार को कंगना के दफ्तर में तोड़फोड़ की। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कंगना रनौत और शिवसेना के बीच तनातनी की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में BMC की इस कार्रवाई को शिवसेना के साथ कंगना के विवाद के कारण बदले की कार्रवाई के रूप में देखा गया क्योंकि BMC शिवसेना शासित है।