नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि खादी एक राष्ट्रीय प्रतीक और युवा पीढ़ी के आकर्षण का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि खादी के जरिए भारतवासियों को स्वाबलंबी बनाने के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपने को उनकी सरकार आगे बढ़ा रही है और विभिन्न सरकारी संस्थान आगे बढ़कर खादी के उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सौर उर्जा से चलने वाले चरखा और लूम से बुनकर पहले से कम मेहनत में अधिक उत्पादन और दोगुनी आमदनी पा सकेंगे। मोदी ने कहा कि आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली खादी आज एक फैशन परिधान बन गई है और सरकार भारत के गांव गांव में खादी और ग्रामोद्योग का नेटवर्क तैयार करना चाहती है। इससे लोगों को रोजागार से जोड़कर गांव के प्रत्येक परिवार को सबल बनाया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, मैंने कल पूज्य बापू की पुण्य तिथि पर देश में खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े हुए जितने लोगों तक पहुंच सकता हूं, मैंने पत्र लिख कर पहुंचने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि खादी को बढ़ावा देने के लिए ऐसे इंतजाम किये जा रहे हैं जिससे इस उद्योग से जुड़े लोगों को अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी कल्याणकारी विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि खादी के उत्पादों का उपयोग करने के लिए रेल मंत्रालय, पुलिस विभाग, भारतीय नौसेना, डाक विभाग सहित अन्य सरकारी संस्थान आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि इसके चलते लगभग 18 लाख मानव दिवसों का अतिरिक्त रोजगार खादी के क्षेत्र में उपलब्ध होगा और इससे प्रत्येक कारीगर की आमदनी में बढोत्तरी होगी।