नयी दिल्ली: मानसून सत्र के पहले दिन आज राज्यसभा की शुरूआत हंगामेदार रही और ललित मोदी मामले में कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष द्वारा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा व्यापम मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे पर अड़े रहने तथा सरकार के इससे इंकार करने पर दिन भर गतिरोध बना रहा। इसके चलते चार बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही बिना खास कामकाज के समय से पहले ही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी।
विपक्ष ने कहा पहले मंत्री दें इस्तिफा उसके बाद होगी चर्चा-
विदेश मंत्री के इस्तीफे की विपक्ष की मांग को सरकार ने खारिज करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष का कहना था कि पहले मंत्री इस्तीफा दें और उसके बाद ही चर्चा होगी।
हंगामे के कारण उच्च सदन की बैठक बार बार बाधित हुयी जिससे प्रश्नकाल और शून्यकाल भी नहीं हो सका।
मुख्तार अब्बास नकबी ने कहा नहीं होगा कोई स्तिफा-
सुषमा के इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, कोई इस्तीफा नहीं होगा। हम देश के प्रति समर्पित भाव से काम करते रहेंगे। आप व्यवधान डालते रहिए। आप चर्चा करना चाहते हैं तो करिए कोई इस्तीफा नहीं होगा।
कांग्रेस सदस्यों ने सुबह ही सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा कथित तौर पर ललित मोदी की मदद किए जाने का मुद्दा उठाया।
कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने मर्यादा तोड़ी है। शर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईमानदारी, जवाबदेही, पारदर्शिता, भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीरता की बात की थी।