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'बॉक्सिंग रिंग में लवलीना की सफलता भारतीयों को देगी प्रेरणा', कांस्य पदक जीतने पर पीएम मोदी ने दी बधाई

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 04, 2021 12:26 pm IST,  Updated : Aug 04, 2021 12:26 pm IST

लवलीना का पदक पिछले नौ वर्षों में भारत का ओलंपिक मुक्केबाजी में पहला पदक है। लवलीना ओलंपिक मुक्केबाजी प्रतियोगिता फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय मुक्केबाज बनने के लिए चुनौती पेश कर रही थी लेकिन विश्व चैंपियन बुसेनाज ने उनका सपना तोड़ दिया।

Lovlina Borgohain PM congratulates boxer on winning bronze medal at Olympics 'बॉक्सिंग रिंग में लवली- India TV Hindi
'बॉक्सिंग रिंग में लवलीना की सफलता भारतीयों को देगी प्रेरणा', कांस्य पदक जीतने पर पीएम मोदी ने दी बधाई Image Source : AP

नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक्स में भारतीय महिला बॉक्स लवलीना बोरगोहेन को कांस्य पदक मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रिंग में लवलीना ने शानदार प्रदर्शन दिखाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बॉक्सिंग रिंग में लवलीना की सफलता से कई भारतीयों को प्रेरणा मिलेगी, उन्होंने कहा कि 'लवलीना की दृढ़ता और दृढ़ संकल्प सराहनीय है। कांस्य पदक जीतने पर उन्हें बधाई। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।

लवलीना को तोक्यो ओलंपिक के महिला वेल्टरवेट वर्ग (69 किग्रा) के सेमीफाइनल में तुर्की की मौजूदा विश्व चैंपियन बुसेनाज सुरमेनेली के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा। उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘बहुत शानदार मुकाबला किया लवलीना बोरगोहेन। बॉक्सिंग रिंग में उनकी सफलता कई भारतीयों को प्रेरित करती है। उनकी दृढ़ता और संकल्प प्रशंसनीय है। कांस्य पदक जीतने पर उन्हें बधाई। भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।’

लवलीना को मिले कांस्य पदक के साथ ही तोक्यो खेलों में भारत के हाथ तीसरा पदक लगा। इससे पहले भारोत्तोलन में मीराबाई चानू ने रजत जबकि बैडमिंटन में पीवी सिंधू ने कांस्य पदक जीता। लवलीना का पदक पिछले नौ वर्षों में भारत का ओलंपिक मुक्केबाजी में पहला पदक है। आपको बता दें कि लवलीना का पदक पिछले नौ वर्षों में भारत का ओलंपिक मुक्केबाजी में पहला पदक है। लवलीना ओलंपिक मुक्केबाजी प्रतियोगिता फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय मुक्केबाज बनने के लिए चुनौती पेश कर रही थी लेकिन विश्व चैंपियन बुसेनाज ने उनका सपना तोड़ दिया। भारतीय मुक्केबाज के पास तुर्की की खिलाड़ी के दमदार मुक्कों और तेजी का कोई जवाब नहीं था। इस बीच हड़बड़ाहट में भी लवलीना ने गलतियां की।

क्वार्टर फाइनल में लवलीना हालांकि चीनी ताइपै की पूर्व विश्व चैंपियन नीन चिन चेन को हराकर पहले ही पदक पक्का कर चुकी थी। असम की 23 वर्षीय लवलीना ने विजेंदर सिंह (बीजिंग 2008) और एमसी मैरीकोम (लंदन 2012) की बराबरी की। विजेंदर और मैरीकोम दोनों ने कांस्य पदक जीते थे। तुर्की की मुक्केबाज 2019 चैंपियनशिप में विजेता रही थी जबकि उस प्रतियोगिता में लवलीना को कांस्य पदक मिला था। तब इन दोनों के बीच मुकाबला नहीं हुआ था। 

 

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