लखनऊ: लखनऊ में रहकर पढ़ाई कर एक लड़की ने अचानक पंखे से लटककर जान दे दी। पिछले कई दिनों से एक सिरफिरा आशिक इस मेडिकल स्टूडेंट का पीछा कर रहा था और चेहरे पर एसिड फेंकने की धमकी दे रहा था। लड़की ने इसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबर पर की, पुलिस से की लेकिन किसी ने फरियाद नहीं सुनी। अब सवाल उठ रहा है आखिर इस लड़की की मौत का जिम्मेदार कौन है।
सिरफिरा आशिक, सुसाइड और सवालों के घेरे में पुलिस
सारिका की मौत के बाद यूपी पुलिस का एक डरावना सच दुनिया के सामने आया है। वह यूं ही हालात के आगे नहीं हार गई। बीडीएस की इस स्टूडेंट को मरने के लिए मजबूर किया गया। मौत को गले लगाने से पहले सारिका हर उस चौखट पर गई, जहां से उसे उम्मीद थी लेकिन इस लड़की की कहीं सुनवाई नहीं हुई।
सारिका लखनऊ के बलरामपुर मेडिकल कॉलेज में बीडीएस की स्टूडेंट थी। मूल रूप से यूपी के बलरामपुर जिले की रहने वाली सारिका लखनऊ में अपने चाचा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। जबकि आरोपी लड़का अजय विश्वकर्मा लखनऊ के शेरवुड कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहा है। सुसाइड से पहले सारिका ने अपने घरवालों से बताया था कि अजय पिछले कई दिनों से उसे तंग कर रहा है और चेहरे पर तेजाब फेंकने तक की धमकी दी है।
लखनऊ पुलिस के इस नक्कारेपन का जवाब कौन देगा ?
सारिका ने इस बात की शिकायत यूपी पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 1090 पर भी की। 1090 पर 3 दिन तक लगातार फोन करती रही लेकिन हेल्पलाइन के दफ्तर में बैठे किसी भी अफसर ने मामला समझने की कोशिश तक नहीं की।
1090 हेल्पलाइन यूपी सरकार का वो नंबर है जिसे अखिलेश यादव की सरकार अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताती है। इस हेल्पलाइन पर जब सारिका का दर्द नहीं सुना गया तो डरी-सहमी ये लड़की विकासनगर पुलिस स्टेशन गई। नामजद एफआईआर लिखवाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने ये कहकर लौटा दिया कि जाओ कुछ नहीं होगा।
मेडिकल स्टूडेंट के सुसाइड का जिम्मेदार कौन ?
सारिका पुलिस स्टेशन के चक्कर लगा रही थी वहीं अजय के मन में पुलिस का जरा सा भी खौफ नहीं था। वो अलग-अलग मोबाइल नंबर से इस लड़की को फोन करता था और बार-बार तेजाब फेंकने की धमकी देता था। अजय की इन धमकियों से सारिका हमेशा डरी सहमी रहती थी। शुक्रवार को एग्जाम देने के बाद सारिका घर आई और अपनी दादी से सिर दर्द की बात कही फिर अपने कमरे में चली गई। इसके बाद पंखे से लटकी हुआ इस मेडिकल स्टूडेंट का शव मिला।
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