नई दिल्ली: बेमौसम बारिश और ओलों से बर्बाद फसल और उससे परेशान किसानों की लगातार हो रही आत्महत्या की घटनाओं ने सरकार को पूरी तरह हिला दिया है। यूपी में बर्बाद फसल का जायजा लेने के बाद नितिन गडकरी ने पीएम मोदी को अपनी रिपोर्ट दे दी है जिसके बाद आसमान से गिरी आफत से किसानों को राहत दिलाने के लिए मोदी सरकार पूरी तरह एक्शन में आ गई है।
मंगलवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रामकृपाल यादव और हरिभाई चौधरी की टीम ने यूपी के तीन जिलों आगरा, अलीगढ़ और मेरठ का दौरा किया। नितिन गडकरी ने किसानों के बीच जाकर उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह उनके साथ है।
बारिश से बेहाल किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं, हर दिन किसी ना किसी राज्य से ऐसी खबरें आ रही हैं। ऐसे में मोदी सरकार किसानों जल्द से जल्द मुआवजा पहुंचाने को लेकर फिक्रमंद है।
सरकार मुआवज़े के नियमों में इसी महीने बदलाव भी करने जा रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने राज्यों से दो टूक कहा कि राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाले फंड से किसानों को तुरंत राहत पहुंचाएं।
इस बीच, सोनिया गांधी ने खाद्य और आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान को चिट्ठी लिखकर गेहूं खरीद के नियमों में ढील देने की मांग की है।
सोनिया ने लिखा है कि एफसीआई 14 परशेंट से अधिक नमी वाले गेहूं को नहीं खरीदता। 12 से 14 परशेंट नमी वाले गेहूं के समर्थन मूल्य में भी कटौती कर दी जाती है। इस बार किसानों से अनाज की खरीद में इस तरह के नियमों में ढील दी जाए।
सोनिया की चिट्ठी पर रामविलास पासवान ने कहा कि जिन राज्यों से मांग आ रही है वहां वो नियमों में ढील जे रहे हैं।