नई दिल्ली: मोदी सरकार ने दीपावली से ठीक पहले पूर्व सैनिकों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए वन रैंक वन पैंशन योजना को लागू करने का ऐलान करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि भविष्य में पेंशन हर पांच साल के लिए तय की जाएगी। बकाया राशि को चार बराबर छमाही किस्तों में भुगतान किया जाएगा।
5 सिंतबर को सरकार ने किया था बड़ा ऐलान
गौरतलब है कि 5 सितंबर को पूर्व सैनिकों की मांग को पूरा करने का ऐलान रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने किया था। सरकार के ऐलान पर पूर्व सैनिकों ने भी अपनी सहमति जताते हुए सरकार के फैसले का स्वागत किया था।
क्या है वन रैंक वन पेंशन योजना ?
वन रैंक वन पेंशन का मतलब है एक ही रैंक से रिटायर होने वाले सभी अफसरों को एक जैसी ही पेंशन मिले। यानी कि 1980 में रिटायर हुए कर्नल को आज रिटायर हुए कर्नल के बराबर ही पेंशन दी जाए। वन रैंक वन पेंशन योजना लागू होने से 30 लाख पूर्व सैनिको को फायदा होगा। उन्हें एरियर भी मिलेगा। फिलहाल लगभग 14 लाख सैनिक और अफसर सेना का हिस्सा है।
वन रैंक वन पेंशन योजना की खास बातें
1. वन रैंक वन पेंशन योजना का फायदा 1 जुलाई से लागू किया जाएगा। यह साल 2013 के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
2. ओआरओपी लागू करने से 8000-10,000 करोड़ रुपए खर्च होंगे और ये खर्च भविष्य में और भी बढ़ेगा।
3. यह पेंशन हर 5 साल में निर्धारित की जाएगी।
4. बकाया राशि का चार छमाही किश्तों में भुगतान किया जाएगा। युद्ध के दौरान शहीद हुए सैनिकों की विधवाओं सहित सभी विधवाओं को बकाया राशि का एक किस्त में भुगतान किया जाएगा।
5. जो सैनिक स्वेच्छा से रिटायरमेंट (वीआरएस) लेते हैं उन्हें ओआरओपी नहीं मिलेगा.