नई दिल्ली: एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों की लगातार बढ़ती तादात से खूबसूरत चोटियां कचरे का ढेर बनती जा रही हैं। एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों के द्वारा फैलाया कचरा इकट्ठा हो रहा है। मोदी के मिशन क्लीन इंडिया के तहत भारतीय फौज ने यह अभियान हिमालय तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।
सेना की 34 फौजियो की टुकड़ी चार अप्रैल को यहां से नेपाल के लिए रवाना होगी। उम्मीद है कि मई के आखिर तक ये टुकड़ी बेस कैंप पहुंच जाएगी। 16 मई से 31 मई के बीच माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करेगी और वहां फैले करीब 4000 किलोग्राम कचरे को साफ करेगी।
आज की तारीख में हिमलाय के बेस कैंपों के आसपास टनों कचरा जमा हो चुका है जिसकी सफाई के लिए अक्सर आवाज़ उठती रही है, लेकिन अबतक किसी ने इसपर ठोस कदम नहीं उठाया।
हिमालय पर तापमान ऐसा होता है कि पर्वतारोहियों के छोड़े सामान जस के तस पड़े रहते हैं, वक्त के साथ कुछ भी यहां मिट्टी में नहीं मिलता। यही वजह है कि यहां कचरा जमा होता रहता है। अब उसी कचरे को नीचे लाने के लिए तैयार हो चुकी है भारतीय फौज की टुकड़ी।
भारतीय टुकड़ी का लक्ष्य है बेस कैंप चार तक जाने का। यह वो बेस कैंप है जिसे दुनिया का सबसे ऊंचा कचरा घर माना जाने लगा है, यहीं पर सबसे ज्यादा कचरा इन दिनों इकट्ठा है जिसका सीधा असर हिमालय के पर्यावरण पर पड़ने वाला है।
भारतीय टीम का मकसद होगा ज्यादा से ज्यादा कचरा इकट्ठा कर नीचे लाने का। पहली खेप में चार हजार किलो कचरा नीचे लाने का लक्ष्य है। अगर ये टुकड़ी कामयाब रही तो आगे और भी ऐसी कोशिशें होंगी।
स्वच्छता मिशन को हिमालय की चोटियों तक पहुंचाने के लिए भारतीय सेना ने वर्ल्ड क्लास की तैयारी की है। मिशन से जुड़े सभी 34 पर्वतारोहियों को खास साजो-सामान दिए गए हैं।
ये जवान अपने साथ एक बैकपैक किट ले जाएंगे जिसमें एक बड़ा प्लास्टिक बैग होगा जिसमें कूड़ा भरा जाएगा।
पीएम मोदी के मिशन क्लीन इंडिया कैंपेन को हिमालय पर जारी रखने की कोशिश होती रहेंगी।