नई दिल्ली: आकाशवाणी पर प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी ने कहा, हमारे देश में किसानों के नाम पर बहुत-कुछ बोला जाता है, बहुत-कुछ कहा जाता है। खैर, मैं उस विवाद में उलझाना नहीं चाहता हूं। लेकिन किसान का एक सबसे बड़ा संकट है, प्राकृतिक आपदा में उसकी पूरी मेहनत पानी में चली जाती है। उसका साल बर्बाद हो जाता है।
उन्होंने कहा, उसको सुरक्षा देने का एक ही उपाय अभी ध्यान में आता है और वह फसल बीमा योजना है। 2016 में भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा तोहफा किसानों को दिया है - प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना।
किसानों के मुद्दे को राजनीतिक विषय बनाने के कुछ वर्गोे के प्रयासों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि 2016 में पेश प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संकट में पड़े किसानों को तोहफा है, साथ ही इसकी जानकारी हर किसान तक पहुंचाने के लिए उन्होंने लोगों से सहयोग मांगा।
मोदी ने कहा, इस योजना की तारीफ हो, वाहवाही हो, प्रधानमंत्री को बधाईयां मिले, इसके लिये नहीं है यह । हमारा प्रयास है कि संकट में पड़े किसान को इसका भरपूर फायदा मिले।
उन्होंने कहा कि इतने सालों से फसल बीमा की चर्चा हो रही है, लेकिन देश के 20-25 प्रतिशत से ज्यादा किसान उसके लाभार्थी नहीं बन पाए हैं, उससे जुड़ नहीं पाए हैं। क्या हम संकल्प कर सकते हैं कि आने वाले एक-दो साल में हम कम से कम देश के 50 प्रतिशत किसानों को फसल बीमा से जोड़ सकें?
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस काम में मुझे देशवासियों की मदद चाहिए । क्योंकि अगर किसान फसल बीमा के साथ जुड़ जाता है, तो संकट के समय उसे बहुत बडी मदद मिल जाती है।