मैसूर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि सुशासन केवल नीति और निर्णय लेने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हमारे विकल्पों और रणनीतियों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को समेकित करने के बारे में भी है। यहां 103वें भारतीय विज्ञान सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने समारोह के विषय 'भारत में स्वदेशी विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी' की सराहना की।
मोदी ने कहा, "यह पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के दृष्टिकोण को दी गई उपयुक्त श्रद्धांजलि है।"
मोदी ने सम्मेलन में शामिल हुए 15,000 वैज्ञानिकों की विशाल सभा को संबोधित करते हुए कहा, "इस साल की शुरुआत विश्व और भारत के वैज्ञानिकों के साथ करना बड़े सौभाग्य की बात है।"
इस सम्मेलन का आयोजन मैसूर विश्वविद्यालय में तीन से सात जनवरी तक किया जा रहा है।