नई दिल्ली: दिल्ली के अस्पतालों में दो हजार से अधिक डाक्टरों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के बीच, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि हड़ताली डाक्टरों की ज्यादातर मांगें जायज हैं और उन्होंने इन्हें लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिये हैं। केन्द्र और दिल्ली सरकारों तथा नगर निगमों द्वारा संचालित 20 अस्पतालों के हड़ताली डाक्टर पर्याप्त जीवन रक्षक दवाओं, कार्यस्थल पर सुरक्षा, काम के तय घंटे और समय पर वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं। केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा, हड़ताली डाक्टरों की ज्यादातर मांगें स्वाभाविक हैं। मैंने स्वास्थ्य विभाग को इन्हें लागू करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग को इसे पहले ही सुलझा लेना चाहिए था।
एक अन्य ट्वीट में केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार नागरिकों को सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने ट्वीट किया, यह सरकार जनता को सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह डाक्टरों के सहयोग के बगैर नहीं हो सकता। राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज, मौलाना आजाद मेडिकल कालेज सहित दिल्ली के 20 अस्पताल के रेजिडेन्ट डाक्टर आज अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये। लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज के एक वरिष्ठ रेजीडेंट डाक्टर ने कहा, हड़ताल से ओपीडी और निजी वार्ड सेवाएं प्रभावित होंगी लेकिन आपातकालीन सेवाएं बाधित नहीं होंगी। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने डाक्टरों को कल बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं आए। उन्होंने आज उन्हें बातचीत के लिए फिर बुलाया है।