नईदिल्ली: मेरे पापा ने impossible शब्द को i m possible शब्द में बदल दिया। यह कहना है रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल सोहन रॉय की बेटी तृषा रॉय का । जो अपने पापा को अपना रोल मॉडल मानती है और उनके लिए वह सुपर हीरो से कम नही है । फादर्स डे पर आज हम बताएगें कि एक मशहूर बाइकर कैसे अपनी बेटी और दूसरों के लिए मिशाल बन गया।
सोहन रॉय इन्दौर की 15वीं कुमाऊं रेजीमेंट के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल है। उन्होनें 30 साल देश की सेवा की है। इलाहाबाद ब्वॉयज़ हाई स्कूल से स्नातक होने के बाद वह ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई के छात्र रहे थे।
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