हैदराबाद: तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और पंजाब की सरकार ने मैगी के नमूनों की जांच का आदेश दिया है। तीनों राज्यों की सरकारों ने मैगी में मोनोसोडियम ग्लूटमेट और लेड की तय सीमा से अधिक मात्रा में मौजूदगी की रपटों के मद्देनजर बुधवार को मैगी के नमूनों की जांच के आदेश दिए। हैदाराबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन (आईपीए) ने तेलंगाना के विभिन्न जिलों से मैगी के 22 नमूने इकट्ठे किए हैं। वह इन नमूनों की शहर के बाहरी इलाके नाचाराम में स्थित प्रयोगशाला में परीक्षण कर रहा है।
तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी. लक्ष्मण रेड्डी ने कहा, "उसकी (मैगी) सामग्री के परीक्षण परिणाम में अगर हमें यह पता चलता है कि नमूनों में खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं किया गया है तो हम कार्रवाई करेंगे।"
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि परिणाम के आधार पर ही अधिकारी बाजार में मौजूद मैगी की खेप के संबंध में कोई फैसला लेंगे।
वहीं पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश की सरकार ने भी मैगी के नमूनों की जांच के आदेश दिए हैं।
साथ ही पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत कुमार ज्ञानी ने कहा कि राज्य में विभिन्न स्थानों से मैगी के नमूने लिए जा रहे हैं और उन्हें प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बुधवार को 60 नमूने इकट्ठे किए गए हैं।
हरियाणा सरकार ने भी मंगलवार को मैगी के नमूनों की जांच के आदेश दिए हैं।