लखनऊ: फलों का राजा कहे जाने वाले आम का स्वाद चखना इस बार थोड़ा महंगा पड़ सकता है। जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी या फिर इसके स्वाद से समझौता करना पड़ेगा। इस बार आम की पैदावार कम हुई है, इसलिए आम के दाम बढ़े रहेंगे।
खराब मौसम और आंधी ने इस बार आम की फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके चलते बाजारों में आम की आवक कम हुई है। कम आवक के कारण इस बार आम के दाम आसमान छू रहे हैं।
आम के बागवान महेंद्र कुशवाहा ने बताया कि कायदे से अब तक मंडी में आम की आवक शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन इस बार अभी तक मंडी में आम नहीं आए हैं। कुछ मात्रा में जो आम पहुंच भी रहे हैं, वह स्थानीय मंडी में ही खप जा रहे हैं।
एक और बागवान मुईश मुखिया ने बताया कि वैसे भी इस बार आम की फसल कम आई थी ऊपर से बार-बार आने वाली आंधी ने पैदावार पर विपरीत असर डाला है। उन्होंने कहा कि बीच-बीच में आई आंधियों के चलते कच्चे आम पेड़ से गिर गए हैं, जिन्हें मजबूरन औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है।
वहीं बागवानी करने वाले सुरेश बताते हैं कि आम की फसल औसत की तुलना में 20-30 फीसद ही रह गई है। पिछले कुछ दिनों से थोक मंडी में सीमित मात्रा में दशहरी की आवक शुरू हुई है, पर इसमें न आकार है और न ही स्वाद। आकार के लिए मौसम भी माकूल नहीं है।
उन्होंने कहा कि यूं तो आवक क्रमश: बढ़ती ही जाएगी, पर आम जिस मिठास और रस के लिए जाना जाता है उसके लिए उत्पादक क्षेत्रों में कम से कम एक बार झमाझम बारिश की दरकार है।