
स्थानीय लोग बताते हैं कि उन्होंने कभी किसी को इस मजार पर अगरबत्ती जलाते या फूल-चादर चढ़ाते नहीं देखा। लोग इस मार्ग पर यात्रा शुरू करने से पहले सिर्फ जूते या चप्पल से कब्र की पिटाई करते हैं। इस पर सवारियां लाने-ले जाने वाले टैक्सी चालकों ने बताया कि यह अकेली मजार है जिस पर लोग जूते-चप्पल बरसाते हैं।
चुगलखोर के मकबरे की कोई देखरेख करने वाला नहीं है। लोग इस मार्ग पर यात्रा करने वाले वाहन चालक से वहां रुकने का आग्रह करते हैं और भोलू सैय्यद की कब्र पर जूते-चप्पल मारकर सुरक्षित यात्रा के लिए इबादत करते हैं।