नई दिल्ली: पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी को शीना बोरा मर्डर केस में सीबीआई गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई शीना बोरा मर्डर केस में पहले उनसे पूछताछ कर चुकी थी, जिसमें पीटर ने इस बारे में कुछ भी जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया था।
पीटर मुखर्जी के पांच शहरों में स्थित परिसरों की ली गई थी तलाशी
इससे पहले शीना बोरा हत्याकांड मामले में सीबीआई ने पीटर मुखर्जी और उनकी पत्नी इंद्राणी के पांच शहरों में स्थित विभिन्न परिसरों की तलाशी ली थी। केंद्रीय जांच एजेंसी के सूत्रों ने तब बताया था कि एजेंसी की टीमों ने पीटर और इंद्राणी के आवासों पर तलाशी ली। इनमें मुंबई और गोवा में स्थित उनके दो दो परिसर, गुवाहाटी में इंद्राणी का पैतृक आवास, उनके ड्राइवर श्यामवर पिंटूराम राय के मुंबई तथा छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) स्थित आवास और संजीव खन्ना का कोलकाता स्थित आवास शामिल है।
इंद्राणी की बेटी की हत्या कर उसका शव लगा दिया गया था ठिकाने
इंद्राणी के पहले विवाह से पैदा शीना (25) की 24 अप्रैल 2012 को कथित तौर हत्या कर अगले दिन महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में जंगल में उसका शव जला कर ठिकाने लगा दिया गया था। एजेंसी ने आपराधिक षड्यंत्र, हत्या, अपहरण, सबूत नष्ट करने, जहर देकर नुकसान पहुंचाने सहित भारतीय दंड संहिता की और शस्त्र कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सीबीआई इस आरोप के तहत मामले की जांच कर रही है कि आरोपियों इंद्राणी, खन्ना और राय ने शीना की हत्या का आपराधिक षड्यंत्र रचा था। पहले मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
इन्वेस्टिगेशन मुंबई पुलिस के बाद सौंप दी गई थी सीबीआई को
एजेंसी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा था कि आपराधिक षड्यंत्र के तहत आरोपियों ने शीना का कथित तौर पर अपहरण किया और उसकी हत्या कर उसके शव को ठिकाने लगा दिया। पूर्व मुंबई पुलिस प्रमुख राकेश मारिया द्वारा इस मामले की निगरानी किए जाने को लेकर कई दिनों तक चली अनिश्चितता के बाद जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय किया गया। मारिया को जांच के मध्य में ही हटा दिया गया था।